Hindi News

अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी को दी चुनौती, कहा – ’10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे, डायमंड हार्बर मॉडल को नहीं होगा नुकसान’

Written by:Banshika Sharma
Published:
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में पुनर्मतदान के आदेश ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। वहीं अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा है कि, '10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे।'
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी को दी चुनौती, कहा – ’10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे, डायमंड हार्बर मॉडल को नहीं होगा नुकसान’

पश्चिम बंगाल की राजनीति में भला कौन यह नहीं जानता कि चुनावी घमासान केवल मतदान के दिन तक ही नहीं चलता, बल्कि उसके बाद भी उसकी गर्मी महसूस की जाती है। इस बार कुछ ऐसा ही नजारा फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां एक बार फिर मतदान की चर्चा तेज हो गई है। आखिर ऐसी क्या नौबत आ गई कि चुनाव आयोग को पूरे 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग का आदेश देना पड़ा? यह सवाल हवा में तैर रहा है और जवाब में राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है।

दरअसल यह कोई साधारण बात नहीं कि एक पूरी विधानसभा सीट पर दोबारा चुनाव कराया जाए। चुनाव आयोग ने 144-फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर, सहायक मतदान केंद्रों समेत, नए सिरे से मतदान का फरमान सुना दिया है। निर्देश स्पष्ट हैं: आगामी 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदाता फिर से अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे और फिर 24 मई को मतगणना होगी। जहां पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के चुनाव परिणाम 4 मई को ही घोषित कर दिए जाएंगे, वहीं फाल्टा को इस घोषणा से दूर रखा जाएगा। इस एक फैसले ने पूरे राज्य में सियासी पारा चढ़ा दिया है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

लेकिन आयोग ने यह कड़ा फैसला लिया क्यों? क्या हुआ था 29 अप्रैल को मतदान के दिन? दरअसल, उस दिन चुनावी झड़पों का तांडव देखने को मिला था और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) पर स्टिकर चिपकाने जैसे गंभीर मामले भी सामने आए। इन्हीं सब गड़बड़ियों को लेकर आयोग ने अपनी आंखें टेढ़ी कीं और पुनर्मतदान का आदेश दे दिया। बस फिर क्या था, इस घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं के बीच एक नई तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी।

अमित मालवीय ने ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा

बीजेपी के नेता अमित मालवीय तो मानो इसी मौके की तलाश में थे। उन्होंने तुरंत बंगाल की ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उनका कहना था कि “डायमंड हार्बर मॉडल ध्वस्त हो चुका है।” एक राजनीतिक मॉडल पर इतना सीधा हमला, यह बताता है कि लड़ाई अब सिर्फ फाल्टा की नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक गढ़ की साख की है। लेकिन भला टीएमसी के सांसद अभिषेक बनर्जी कब चुप बैठने वाले थे?

अभिषेक बनर्जी का बड़ा बयान

मालवीय के इस बयान को उन्होंने सीधे-सीधे चुनौती के तौर पर लिया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अभिषेक बनर्जी ने अपनी पार्टी के रिकॉर्ड का बचाव करते हुए बीजेपी को खुली चुनौती दे डाली। उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि उनके डायमंड हार्बर मॉडल को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा, खासकर वह “बांग्ला विरोधी गुजराती गिरोह” तो बिल्कुल नहीं। शब्दों के बाण यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि “ऐसा करने के लिए 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे।” यह कोई छोटी बात नहीं, यह सीधे-सीधे एक राजनीतिक ललकार है, जिसमें दम ठोक कर चुनौती दी गई है

अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी नेताओं को फाल्टा से चुनाव लड़ने की सीधी चुनौती भी दी। उन्होंने कहा, “अगर उनमें हिम्मत है तो वे अपना सब कुछ दांव पर लगाकर देख लें और अपने सबसे मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारें।” यह दिखाता है कि फाल्टा सीट टीएमसी के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि डायमंड हार्बर क्षेत्र का हिस्सा है, जो राजनीतिक रूप से टीएमसी के लिए एक अभेद्य किला माना जाता है। पुनर्मतदान के इस आदेश ने इस राजनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया है, और बयानबाजी को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
Follow Us :GoogleNews