मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आगामी 9 जून से होने वाले BRICS कृषि मंत्रियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। वहीं इस दौरान, दोनों नेताओं ने इस वैश्विक आयोजन को भारत और मध्यप्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।
दरअसल 9 जून से 13 जून तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन के तहत, पहले 9 से 11 जून 2026 तक BRICS कृषि कार्य समूह (AWG) की बैठकें होंगी। इसके बाद, 12 और 13 जून 2026 को सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें वैश्विक कृषि चुनौतियों और अवसरों पर गहन विचार-विमर्श होगा। यह सम्मेलन इंदौर को वैश्विक कृषि विमर्श का केंद्र बनाएगा।
जानिए इसे लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के कृषि क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने, कृषि व्यापार को बढ़ावा देने और किसान कल्याण जैसे ज्वलंत विषयों पर नई दिशा और रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
बैठक के दौरान, अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सम्मेलन की सभी तैयारियाँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप, समयबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न की जाएँ। सरकार का लक्ष्य केवल एक सफल आयोजन सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि इस मंच के माध्यम से भारत की समृद्ध कृषि क्षमता, नवाचारों और सदियों पुरानी कृषि परंपरा का प्रभावी प्रदर्शन करना भी है।
BRICS के 11 सदस्य देश
केंद्रीय मंत्री ने BRICS देशों की वैश्विक कृषि में अहम भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि विश्व की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत छोटे किसान और करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन इन्हीं BRICS देशों से जुड़ा है। वर्तमान में BRICS के 11 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य प्रमुख देश शामिल हैं। सम्मेलन में वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण, जलवायु अनुकूल स्मार्ट कृषि पद्धतियाँ, कृषि व्यापार और आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करना, डिजिटल कृषि और प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का कृषि में उपयोग, किसान कल्याण और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक मंथन किया जाएगा।
इंदौर के प्रसिद्ध 56 दुकान के सुस्वाद व्यंजनों का अनुभव भी कराया जाएगा
सम्मेलन में आने वाले अतिथियों के लिए इंदौर की संस्कृति और आतिथ्य का भी विशेष प्रबंध किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अतिथियों को इंदौर की स्वच्छता, मालवा की समृद्ध संस्कृति, यहाँ की मेहमाननवाज़ी और कृषि विविधता से भी परिचित कराया जाएगा। इसके तहत, उन्हें इंदौर के प्रसिद्ध 56 दुकान के सुस्वाद व्यंजनों का अनुभव भी कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन को मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन राज्य के किसानों, कृषि नवाचारों और नई तकनीकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि यह आयोजन वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और नवाचार के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत और विशेष रूप से मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई और विशिष्ट पहचान दिलाएगा।






