पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा दावा किया है। भाजपा नेता और भवानीपुर सीट से उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मतगणना ड्यूटी में लगाए गए कुछ अधिकारियों ने अपनी गोपनीय जानकारी अपने-अपने विभागीय संगठनों और एसोसिएशनों के साथ साझा कर दी है। भाजपा नेता ने सीधे तौर पर कहा है कि यह जानकारी लीक होने से सोमवार को होने वाली मतगणना प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर असर पड़ सकता है और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता खतरे में आ सकती है।
शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कुछ अधिकारी अपनी ड्यूटी, स्थान और जिम्मेदारियों से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील जानकारी विभागीय संगठनों और संघों के साथ साझा कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है ताकि मतगणना की पवित्रता बनी रहे और कोई भी बाहरी हस्तक्षेप इसकी निष्पक्षता को प्रभावित न कर सके।
शुभेंदु अधिकारी का अधिकारियों की ड्यूटी जानकारी लीक होने दावा
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए इस गंभीर आरोप को सार्वजनिक किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, “मेरे संज्ञान में यह बात आई है कि मतगणना के दिन ड्यूटी के लिए तैनात कई अधिकारी कथित तौर पर अपनी ड्यूटी का विवरण, उनका स्थान और उनका पदनाम अपने-अपने विभागीय संगठनों और संघों को बता रहे हैं।” अधिकारी ने आगे बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि कुछ स्प्रेडशीट और सूचियां बड़े पैमाने पर प्रसारित की जा रही हैं, जिनमें अधिकारी अपनी ‘चुनाव ड्यूटी की जानकारी’ या तो स्वेच्छा से भर रहे हैं या फिर किसी अज्ञात दबाव में ऐसा करने को मजबूर हो रहे हैं। इन सूचियों में मतगणना प्रक्रिया के दौरान उनकी विशिष्ट भूमिकाओं का विस्तृत विवरण भी शामिल है, जिससे उनकी पहचान और कार्यक्षेत्र स्पष्ट हो जाता है।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ कुछ व्हाट्सएप मैसेज के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं, जिन्हें उन्होंने अपने दावे के प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव संबंधी नियमों का एक बेहद गंभीर उल्लंघन है, जो मतगणना प्रक्रिया की पवित्रता को सीधे तौर पर खतरे में डालता है। भाजपा नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मतगणना प्रक्रिया की पवित्रता और विश्वसनीयता पूरी तरह से इसमें शामिल कर्मियों की तैनाती की गोपनीयता पर निर्भर करती है। उनका मानना है कि इस गोपनीयता का कोई भी उल्लंघन सीधे तौर पर परिणामों की निष्पक्षता को प्रभावित करेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करेगा।
अधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब किसी अधिकारी की तैनाती का विशिष्ट विवरण किसी राजनीतिक झुकाव वाले संगठन या संघ को पता चल जाता है, तो इससे अनावश्यक राजनीतिक प्रभाव और दबाव की गुंजाइश बन जाती है, जिसमें संभावित धमकी भी शामिल हो सकती है। यह स्थिति मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को गंभीर रूप से बाधित कर सकती है, जिससे चुनाव परिणामों पर सवाल उठ सकते हैं और जनता का विश्वास डगमगा सकता है।
शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से मामले पर संज्ञान लेने का किया आग्रह
उन्होंने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इस संवेदनशील मामले का तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया है। भाजपा नेता ने अपील की है कि अधिकारियों को किसी भी संगठन या संघ के साथ अपनी मतगणना ड्यूटी साझा करने से रोकने के लिए तत्काल और सख्त निर्देश जारी किए जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की है कि उन सभी संगठनों और संघों की गहन जांच कराई जाए जो इस तरह की गोपनीय जानकारी जुटाने में संलिप्त हैं, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता को रोका जा सके और मतगणना प्रक्रिया की अखंडता बनी रहे।
It has come to my notice that several Officers assigned for Counting Day duties are reportedly disclosing their specific duty details, locations, and designations to their respective departmental organizations and associations.
I have received information that spreadsheets and… pic.twitter.com/EAiOz0DKJ3— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 3, 2026






