बेंगलुरु स्थित निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सी आई (GalaxEye) स्पेस द्वारा रविवार को अपना अत्याधुनिक सैटलाइट दृष्टि सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है, जिसके साथ ही भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारतीय स्पेस स्टार्टअप द्वारा दुनिया का पहला ऑप्टोसार (OptoSAR) सैटेलाइट सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया है। यह सैटलाइट न केवल तकनीक के मामले में दुनिया भर में अपनी तरह का पहला है, बल्कि भारत में किसी निजी कंपनी द्वारा निर्मित अब तक का सबसे बड़ा उपग्रह भी है। इस उपग्रह का कुल वजन 190 किलोग्राम दर्ज किया गया है, जो इसे निजी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनाता है।
इस अत्याधुनिक सैटलाइट की प्रमुख खासियत यह है कि यह धरती की निगरानी ऐसे अभूतपूर्व तरीके से करने में सक्षम होगा, जो पूर्व में संभव नहीं था। अब तक, अधिकतर सैटलाइट या तो ऑप्टिकल कैमरों का उपयोग करते थे अथवा रडार तकनीक पर आधारित होते थे। ऑप्टिकल कैमरे मोबाइल कैमरों के समान ही बेहद स्पष्ट तस्वीरें प्रदान करते हैं, परंतु बादल छाए होने या रात के समय में इनकी क्षमता सीमित हो जाती है। दूसरी ओर, रडार तकनीक अंधेरे और घने बादलों के पार भी देखने की क्षमता रखती है, हालांकि इसकी तस्वीरें ऑप्टिकल कैमरों जितनी स्पष्ट नहीं होती हैं।
हर मौसम में प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता
‘मिशन दृष्टि’ की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें पहली बार ऑप्टिकल और रडार, दोनों तकनीकों को एक साथ समाहित किया गया है, जिसे ऑप्टोसार (OptoSAR) तकनीक के नाम से जाना जाता है। इसका स्पष्ट अर्थ यह है कि यह सैटलाइट रंगीन और साफ तस्वीरें प्रदान करने के साथ-साथ हर मौसम में प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता रखता है। सरल शब्दों में कहा जाए तो, चाहे तेज वर्षा हो रही हो, घने बादल आसमान में छाए हों या रात्रि का समय हो, यह सैटलाइट जमीन पर हो रही गतिविधियों को लगातार देख और रिकॉर्ड कर सकेगा, जिससे निरंतर निगरानी संभव होगी। यह तकनीक डेटा संग्रह की विश्वसनीयता को कई गुना बढ़ा देती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ट्वीट कर बधाई दी गई है। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है, “GalaxEye का ‘मिशन दृष्टि’ हमारी अंतरिक्ष यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि है। दुनिया के पहले OptoSAR उपग्रह और भारत में निजी तौर पर निर्मित सबसे बड़े उपग्रह का सफल प्रक्षेपण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए हमारे युवाओं के जुनून का प्रमाण है।” प्रधानमंत्री द्वारा स्टार्टअप के संस्थापकों और संपूर्ण टीम को उनके अथक परिश्रम के लिए हार्दिक बधाई एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी प्रदान की गई हैं। यह उपलब्धि भारत के युवाओं की तकनीकी क्षमता और उनके समर्पण को रेखांकित करती है।
इस सैटलाइट द्वारा एकत्र किए गए डेटा से भविष्य में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक सहायता प्राप्त होने की संभावना है। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सीमाओं पर निरंतर और प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी। कृषि क्षेत्र में फसलों की सटीक मॉनिटरिंग द्वारा बेहतर कृषि प्रबंधन किया जा सकेगा। आपदा प्रबंधन के दौरान, जैसे बाढ़ या चक्रवात की स्थिति में, सटीक डेटा उपलब्ध होने से राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण के क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों पर भी गहन निगरानी रखी जा सकेगी।
‘मिशन दृष्टि’ की यह सफलता वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की साख को और अधिक सुदृढ़ करती है। गैलेक्सी आई स्पेस द्वारा निर्मित यह अत्याधुनिक सैटलाइट न केवल देश की तकनीकी कौशल का एक उत्कृष्ट प्रदर्शन है, बल्कि यह भविष्य के आत्मनिर्भर भारत की एक स्पष्ट झलक भी प्रस्तुत करता है, जहां निजी क्षेत्र अंतरिक्ष अन्वेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
Mission Drishti by GalaxEye marks a major achievement in our space journey. The successful launch of the world’s first OptoSAR satellite and the largest privately-built satellite in India is a testament to our youth’s passion for innovation and nation-building.
Heartiest…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 3, 2026





