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हज यात्रियों पर आर्थिक बोझ हुआ कम, हवाई किराया बढ़ोतरी में कटौती, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

Written by:Gaurav Sharma
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केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार के हस्तक्षेप से हज यात्रा के हवाई किराए में प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी को कम किया गया है, जिससे हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
हज यात्रियों पर आर्थिक बोझ हुआ कम, हवाई किराया बढ़ोतरी में कटौती, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते हज यात्रा के हवाई किराए में प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से देशभर के हज यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने एयरलाइंस कंपनियों के साथ गहन बातचीत कर किराए में प्रस्तावित भारी वृद्धि को काफी हद तक नियंत्रित किया है, जिससे आम यात्रियों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हुआ है।

मंत्री ने बताया कि हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच पनपे युद्ध जैसे हालात और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण एयरलाइंस कंपनियों ने हज यात्रियों के हवाई किराए में अप्रत्याशित वृद्धि की मांग की थी। इन भू-राजनीतिक परिस्थितियों के चलते विमानन कंपनियों का परिचालन खर्च बढ़ गया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था।

एयरलाइंस कंपनियों ने अपने प्रस्ताव में हज यात्रा के हवाई किराए में लगभग 400 डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में करीब 38 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी का आग्रह किया था। यदि यह बढ़ोतरी पूरी तरह से लागू हो जाती, तो देश के आम और गरीब मुस्लिम यात्रियों के लिए पवित्र हज यात्रा पर जाना अत्यंत कठिन हो जाता। कई ऐसे यात्री जो वर्षों से इस पवित्र यात्रा के लिए बचत कर रहे थे, उनके सपने अधूरे रह सकते थे। इस स्थिति को देखते हुए, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने तत्काल कदम उठाया। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने एयरलाइंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की गहन और लंबी बातचीत की। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पवित्र हज यात्रा आम और गरीब मुस्लिम यात्रियों की पहुँच से बाहर न हो जाए और अधिक से अधिक लोग बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बन सकें।

400 डॉलर की बढ़ोतरी की मांग, 100 डॉलर पर बनी बात

सरकार की इन सार्थक वार्ताओं के परिणामस्वरूप, हज यात्रियों को किराए में प्रस्तावित भारी वृद्धि से बड़ी राहत मिली है। पहले प्रस्तावित 400 डॉलर की बढ़ोतरी को घटाकर अब केवल 100 डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में करीब साढ़े नौ हजार रुपये कर दिया गया है। यह सरकार के प्रयासों और बातचीत का सीधा परिणाम है, जिससे हजारों यात्रियों को आर्थिक सुरक्षा मिली है। इसका सीधा अर्थ यह है कि जो यात्री भारत की हज समिति के माध्यम से हज यात्रा पर जाएंगे, उनके हवाई किराए में केवल 100 डॉलर की ही बढ़ोतरी होगी। यह बढ़ोतरी पहले प्रस्तावित राशि का केवल एक चौथाई है, जो यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है। वहीं, जो यात्री निजी टूर ऑपरेटरों के जरिए हज यात्रा करेंगे, उनके लिए यह बढ़ोतरी थोड़ी अधिक, यानी 150 डॉलर (करीब 14 हजार रुपये से अधिक) तक होगी। सरकार ने निजी ऑपरेटरों के यात्रियों के लिए भी बोझ कम करने का प्रयास किया है, हालांकि हज समिति के माध्यम से जाने वाले यात्रियों को अधिक लाभ मिला है।

हज यात्रा को सुलभ बनाना सरकार की प्राथमिकता: किरेन रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस अवसर पर सरकार की प्राथमिकता को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी बिना किसी अत्यधिक वित्तीय बोझ के आसानी से हज यात्रा कर सकें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, हर संभव प्रयास किया गया है कि हवाई किराए में न्यूनतम संभव बढ़ोतरी हो। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद, हज यात्रा को यथासंभव किफायती बनाए रखा जाए। कुल मिलाकर, केंद्र सरकार और विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के बीच हुई इस महत्वपूर्ण बातचीत से देश भर के हज यात्रियों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। अब वे पहले के मुकाबले काफी कम बढ़ोतरी के साथ अपनी पवित्र यात्रा पूरी कर सकेंगे, जिससे उनकी आस्था और सपने दोनों सुरक्षित रहेंगे।

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