पश्चिम बंगाल की सियासी बिसात पर बिछी चुनावी चालों के नतीजों का दिन करीब आते ही, निर्वाचन आयोग ने मतगणना को लेकर उठने वाली हर आशंका को जड़ से मिटाने की ठान ली है। सोमवार को सामने आने वाले विधानसभा चुनाव परिणामों से पहले, आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है कि वोटों की गिनती का हर पल शांतिपूर्ण और पूरी तरह पारदर्शी हो। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और विशेष चुनावी रोल पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने एक सुर में स्पष्ट कर दिया है कि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी का कोई ‘काला जादू’ चलने नहीं दिया जाएगा। उनकी घोषणा ने उन अटकलों और आशंकाओं पर पूर्ण विराम लगाने का काम किया है, जो अक्सर चुनावी नतीजों के दिन तनाव और धांधली के आरोपों के रूप में सामने आती हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, ‘वोटों की गिनती स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। हमने हर मोर्चे पर पूरी तैयारी कर ली है; कहीं भी अशांति का कोई साया तक नहीं मंडराएगा। सोमवार को होने वाली मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगी।’ उन्होंने दृढ़ता से दावा किया कि आयोग ने हर मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के ऐसे कड़े मानक तय किए हैं, जिन्हें भेदना असंभव होगा। यह आयोग का साफ संदेश है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में किसी भी कीमत पर मर्यादा भंग नहीं होने दी जाएगी, और जनता के जनादेश का पूरा सम्मान किया जाएगा।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या बोले सुब्रत गुप्ता?
वहीं, विशेष चुनावी रोल पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने सुरक्षा और पारदर्शिता के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘हम पूरी तरह से तैयार हैं। वोट चोरी की कोई संभावना नहीं है। वोटों की गिनती में किसी भी तरह की अनियमितता को पनपने नहीं दिया जाएगा।’ प्रशासन ने मतगणना को लेकर उठने वाले हर संशय को दूर करने के लिए कर्मचारियों के चयन से लेकर उनकी गहन ट्रेनिंग तक, हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि मतगणना प्रक्रिया त्रुटिहीन और संदेह से परे हो।
सुब्रत गुप्ता ने आगे विस्तार से बताया, ‘सुरक्षा के पुख्ता और अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। मतगणना में शामिल होने वाले सभी कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। इसमें केंद्र सरकार के अनुभवी कर्मचारी होंगे और राज्य सरकार के कुछ चुनिंदा कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। यह सुनिश्चित किया गया है कि पूरी प्रक्रिया में कोई अनियमितता न होने पाए।’ निर्वाचन आयोग ने उन तमाम आशंकाओं को शांत करने की पुरजोर कोशिश की है जो अक्सर चुनावी नतीजों के दिन माहौल में तनाव घोल देती हैं और धांधली के आरोपों के रूप में सामने आती हैं।
आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार बंगाल में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा का ऐसा भारी और कड़ा बंदोबस्त किया गया है, जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि कोई भी अनैतिक तत्व मतगणना की पवित्रता को भंग न कर सके। यह आयोग का संकल्प है कि बंगाल का जनादेश पूरी ईमानदारी और शुचिता के साथ सामने आए, और लोकतंत्र की आत्मा पर कोई आंच न आए। इस बार बंगाल की धरती से उठने वाला हर परिणाम पूरी तरह से जनता की कसौटी पर खरा उतरेगा, यह सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने अपनी पूरी शक्ति लगा दी है।





