बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की जिसमें मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख दिखाया। दरअसल उन्होंने साफ कहा कि बच्चियों से जुड़े अपराधों में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और अपराधियों को सख्त संदेश मिलना चाहिए। बता दें कि यह बैठक राज्य में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बीच हुई है। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी केस में देरी नहीं होनी चाहिए और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
दरअसल उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्चियों की तेरहवीं से पहले ही अपराधियों की तस्वीरों पर माला पहनाई जाए, ताकि सख्त संदेश जाए। वहीं इस बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति खत्म करनी होगी।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
वहीं इस दौरान सीएम ने साफ कहा कि राज्य में अपराध, भ्रष्टाचार पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा। सभी डीएम और एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में रोजाना मॉनिटरिंग करें और हर केस पर नजर रखें। ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर तक रियल टाइम मॉनिटरिंग की बात कही गई है। इसके साथ ही यह भी कहा कि उद्योगपतियों को सुरक्षा देना प्राथमिकता होगी, ताकि निवेश का माहौल बेहतर बने।
इसके अलावा अधिकारियों को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपने ऑफिस में मौजूद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि आम जनता को सीधे संपर्क का मौका मिल सके। वहीं जेडीयू नेता संजय झा ने भी साफ शब्दों में कहा कि “जो करेगा, वो जाएगा” यानी अपराधियों के लिए कोई नरमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज ही चलेगा और किसी भी तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मीटिंग की इतनी क्यों हो रही चर्चा?
दरअसल इस मीटिंग की टाइमिंग इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले 24 घंटे में राज्य में दो बड़े एनकाउंटर हुए हैं। जानकारी दे दें कि सीवान में बीजेपी नेता के रिश्तेदार की हत्या के आरोपी के साथ पुलिस मुठभेड़ हुई जिसमें आरोपी को पकड़ लिया गया। इस तरह की कार्रवाई को सरकार सख्त कानून-व्यवस्था के संकेत के तौर पर पेश कर रही है।






