भारत से मक्का जाने वाले हज यात्रियों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। हज यात्रियों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ती महंगाई का असर अब हज यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी कर इस साल हज पर जाने वाले सभी यात्रियों के लिए हवाई टिकट में 10 हजार की अतिरिक्त बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद बाद एएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे गलत बताया है। हालांकि अब सरकार की ओर से इस फैसले का स्पष्टीकरण जारी कर दिया गया है। जिसमें इस निर्णय का कारण वैश्विक संकट और ईंधन की कीमतों में वृद्धि बताया गया है।
ओवैसी ने अतिरिक्त हज हवाई किराए की मांग पर उठाया सवाल
ओवैसी ने भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हज कमेटी हज यात्रियों से ‘हवाई किराए में अंतर’ के तौर पर अतिरिक्त 10000 रुपये की मांग रही है। यह तब है जब कुछ महीने पहले मुंबई प्रारंभ बिंदु से रवाना होने वाले हर यात्री से 90,844 रुपये लिए गए थे। यह आम यात्रियों के लिए मौजूदा दरों से लगभग दोगुना है।
औवेसी ने किरेन रिजिजू से सवाल पूछते हुए कहा, क्या हज कमेटी के जरिए जाने पर यात्रियों को सजा दी जा रही है? यह सिर्फ शोषण है और कुछ नहीं। ज्यादातर यात्री अमीर नहीं होते, वे हज जाने के लिए सालों तक पैसे बचाते हैं। यह उनके लिए कोई लग्जरी नहीं है। यह सर्कुलर तुरंत वापस लिया जाना चाहिए, और यात्रियों को उनसे लिए गए पैसे वापस किए जाने चाहिए।
हज हवाई किराए में बढ़ोतरी पर सरकार की प्रतिक्रिया
हालांकि हज हवाई किराए में अतिरिक्त बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। साथ ही किराये में वृद्धि के कारणों को भी स्पष्ट किया है। रिजिजू ने कहा कि वैश्विक संकट और ईंधन की कीमतों में भारी उछाल के कारण लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनगिनत परिवारों के लिए हज की यात्रा करना जिंदगी में एक बार आने वाला सपना है जो सालों तक संजोकर रखा जाता है। मैं इस भावना का बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंंने कहा कि इस समय चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में दुनिया भर में तेज बढ़ोतरी के बीच एयरलाइंस ने हर तीर्थयात्री के लिए 300-400 अमेरिकी डॉलर की भारी बढ़ोतरी की मांग की थी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए हम एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत में बढ़ोतरी के लिए एयरलाइंस को भी दोष नहीं दे सकते।
उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए हमने यह सुनिश्चित किया कि बढ़ोतरी सिर्फ 100 अमेरिकी डॉलर तक सीमित रहे, जिससे हर यात्री को काफी राहत मिली। यह फैसला पूरी पारदर्शिता और सद्भावना के साथ लिया गया है, ताकि हज 2026 की व्यवस्थाओं में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
For countless families, Haj is a once-in-a-lifetime dream nurtured over years. I deeply respect that sentiment.
Amid a sharp global rise in Aviation Turbine Fuel prices, driven by ongoing geopolitical tensions, Airlines sought a steep hike of $300–$400 per pilgrim. We also can’t… https://t.co/7xAXTS0v3M
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) April 30, 2026





