मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खरीफ फसलों की बुवाई में आई कमी और अल्प वर्षा की स्थिति को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय के आंकड़े स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि देश का कृषि क्षेत्र गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है और सरकार को किसानों की मदद के लिए अपनी रणनीति तत्काल स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अब तक हुई कम बारिश के कारण खरीफ की बुवाई प्रभावित हुई है। धान के साथ-साथ सोयाबीन, अरहर और मूंगफली जैसी प्रमुख फसलों का रकबा भी घटा है, जिससे विशेष रूप से मध्यप्रदेश के करोड़ों किसान प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी बारिश की उम्मीद सभी को है, लेकिन सिर्फ उम्मीद के भरोसे बैठना उचित नहीं होगा। मौसम के पूर्वानुमानों को देखते हुए सरकार को पहले से तैयारी करनी चाहिए।
कमलनाथ ने अल्प वर्षा को लेकर चिंता जताई
कमलनाथ ने केंद्र एवं मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अल्प वर्षा के कारण खरीफ फसलों की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारें अब भी संकट से निपटने के लिए ठोस योजना सार्वजनिक नहीं कर रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार यह स्पष्ट करें कि यदि वर्षा की स्थिति सामान्य नहीं रहती है तो किसानों को राहत देने के लिए उनके पास क्या कार्ययोजना है। सरकार ऐसी स्थिति में न पहुंचे कि संकट गहराने के बाद ही कदम उठाने पड़ें।
सरकार से की मांग
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मध्यप्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए चिंता जताते हुए कहा है कि “हम सब की प्रार्थना है कि अच्छी बारिश हो, लेकिन मौसम के पूर्वानुमानों से आँख मूँद लेना भी उचित नहीं है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि संकट में किसानों की मदद के लिए उनके पास क्या प्लान है। ऐसा न हो कि सरकार की स्थिति ‘आग लगने पर कुआँ खोदने’ वाली हो जाए।” कमलनाथ ने याद दिलाया कि कृषि मध्य प्रदेश की जीवन रेखा है। किसान पहले से ही खाद, बीज, एमएसपी और फसल बीमा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की है कि वो अपनी राहत योजना का खुलासा तुरंत करें।






