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Sat, Jan 10, 2026

खंडवा को मिले राष्ट्रीय जल पुरस्कार पर सवाल: AI जनरेटेड डेटा और तस्वीरों के आरोप पर उमंग सिंघार का हमला, बताया ‘सिस्टमैटिक डिजिटल अपराध’

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि बिना भौतिक सत्यापन के डेटा को स्वीकार कर राष्ट्रीय पुरस्कार कैसे दे दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने एआई को भ्रष्टाचार का हथियार बना दिया। इसी के साथ उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
खंडवा को मिले राष्ट्रीय जल पुरस्कार पर सवाल: AI जनरेटेड डेटा और तस्वीरों के आरोप पर उमंग सिंघार का हमला, बताया ‘सिस्टमैटिक डिजिटल अपराध’

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने खंडवा जिले को मिले केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पुरस्कार पर सवाल खड़े किए हैं। जिला प्रशासन पर एआई जनरेटेड तस्वीरों का उपयोग करने के आरोप लगने के बाद नेता प्रतिपक्ष ने इसे सिस्टमैटिक डिजिटल अपराध करार देते हुए कहा कि ‘AI सुविधा के लिए था, BJP ने उसे भ्रष्टाचार का औज़ार बना दिया’।

दरअसल केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के जल संचय, जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खंडवा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और 2 करोड़ की पुरस्कार राशि मिलने के बाद इस उपलब्धि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पुरस्कार के लिए AI जनरेटेड तस्वीरें अपलोड की गईं और वास्तविक कार्यों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया। हालांकि जिला प्रशासन ने इन आरोपों को भ्रामक और निराधार बताया है।

खंडवा जिले को मिले अवॉर्ड पर उठे सवाल

खंडवा जिले को केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान में देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार मिला था। पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खंडवा के कलेक्टर ऋषव गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को इस सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। अभियान के तहत खंडवा में 1 लाख 29 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्यों (तालाब, स्टॉप डैम, रिचार्ज पिट आदि) की जियो-टैग्ड तस्वीरें अपलोड की गई थी। लेकिन दिसंबर में इस पुरस्कार पर गंभीर विवाद खड़ा हो गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि पुरस्कार हासिल करने के लिए AI निर्मित फर्जी तस्वीरें और झूठे आंकड़े इस्तेमाल किए गए।

उमंग सिंघार ने की कार्रवाई की मांग 

इस मामले पर अब उमंग सिंघार ने सरकार और खंडवा प्रशासन को घेरते हुए फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में AI जनरेटेड डेटा, फर्जी तस्वीरों और झूठी डिजिटल एंट्रीज़ के आधार पर खंडवा में जल संरक्षण कार्य दिखाए गए, जबकि हकीकत में ऐसे हज़ारों कार्य ज़मीन पर मौजूद ही नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले में गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि AI जनरेटेड डेटा और तस्वीरों को बिना भौतिक सत्यापन किसके आदेश पर स्वीकार किया गया। उन्होंने सवाल किया कि जिन कार्यों के अस्तित्व पर अब सवाल उठ रहे हैं, उनके आधार पर राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार कैसे दे दिया गया और क्या इतना बड़ा डिजिटल फर्जीवाड़ा राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव है। उमंग सिंघार ने इसे सिस्टमैटिक डिजिटल अपराध करार देते हुए मांग की है कि इस घोटाले में शामिल अधिकारियों को निलंबित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।