MP Breaking News
Google पर फॉलो करें

भोपाल में आंदोलनों की प्रस्तावित नई व्यवस्था पर कुणाल चौधरी का हमला, बोले “जनता से डरने वाली नहीं, सुनने वाली सरकार चाहिए”

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को जनता के सवालों से बचने के बजाय उनकी समस्याओं को सुन समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और आम लोगों के मुद्दों पर कांग्रेस सवाल उठाती रहेगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी।
Kunal Choudhary,

Kunal Choudhary,

भोपाल में बड़े आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों को शहर की सीमा के बाहर रोकने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में लगभग दो साल बाकी हैं, लेकिन सरकार की तैयारियां ऐसी हैं जैसे जनता तुरंत वोट देने वाली हो। उन्होंने सवाल किया कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने की तैयारी कर रही है या जनता से बचने की।

दरअसल, जुलाई के अंत में भोपाल में हुए किसान आंदोलन के दौरान शहर में लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा था। इसके बाद पुलिस ने बड़े आंदोलनों के दौरान भीड़ को शहर में प्रवेश करने से पहले नियंत्रित करने की रणनीति पर काम शुरू किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान अपनाई गई व्यवस्था का अध्ययन कर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट इंटेलिजेंस शाखा को सौंपी है।

क्या होगा नई व्यवस्था में

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत भोपाल के प्रमुख एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर अस्थायी बैरिकेडिंग और कंटेनमेंट जोन बनाए जाने की योजना है। बड़े वाहनों और प्रदर्शनकारियों को शहर में प्रवेश से पहले ही रोकने के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रशासन द्वारा तय वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल की ओर भेजने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल भी प्रस्तावित है।

कांग्रेस ने किए सवाल

कुणाल चौधरी ने इस व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि किसान फसल का दाम मांगेगा तो क्या बैरिकेड लगाए जाएंगे, युवा रोजगार मांगेंगे तो क्या रास्ते बंद किए जाएंगे और महंगाई व कर्ज पर सवाल उठेंगे तो क्या शहर के एंट्री-पॉइंट बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से अगर सरकार ने यही सबक लिया है कि जनता की आवाज को बैरिकेड लगाकर रोका जाए और सवाल पूछने वालों के रास्ते बंद किए जाएं, तो यह लोकतंत्र नहीं बल्कि डर का शासन है। कांग्रेस नेता ने कहा कि बैरिकेड सड़क को रोक सकते हैं, लेकिन जनता की आवाज को नहीं।

उन्होंने कहा कि जिस सरकार को दो साल पहले ही जनता के विरोध का डर सताने लगे उसे यह आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर जनता नाराज क्यों है। कुणाल चौधरी ने कहा कि सरकार को जनता से डरने के बजाय उसकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगे भी जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाएगी और जवाब मांगेगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews
भोपाल में आंदोलनों की प्रस्तावित नई व्यवस्था पर कुणाल चौधरी का हमला, बोले "जनता से डरने वाली नहीं, सुनने वाली सरकार चाहिए"