मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और परीक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं अब नर्सिंग रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर भी नई शिकायतें सामने आने लगी हैं। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने एक ऐसा दावा किया है जिसके बाद हड़कंप मच गया है। रवि परमार ने दावा किया है कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में एक गधे की फोटो लगाकर उसे अपलोड भी कर दिया है। रवि परमार ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया है। इतना ही नहीं गधे की फोटो और नाम वाला नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की व्यवस्था की जांच के लिए उन्होंने खुद ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का परीक्षण किया। इस दौरान आवेदन में आवेदक की फोटो के स्थान पर गधे की फोटो अपलोड की गई। इसके अलावा आवश्यक दस्तावेजों की जगह कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज अपलोड किए गए, जिनसे आवेदक की शैक्षणिक योग्यता प्रमाणित नहीं होती थी। निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद भी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो गई। इसके बाद रवि परमार ने वीडियो के माध्यम से अपने दावे को सभी लोगों के सामने रखा।
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आवेदक के नाम में लिखा ‘डंकी’, फोटो में गधे की तस्वीर दर्ज होने का दावा
रवि परमार ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश नर्सिंग घोटाले को लेकर दो बार CBI जांच होने के बावजूद नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल में कथित फर्जीवाड़ा नहीं रुक रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह इंसानों के बाद अब जानवरों के नाम से भी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन में आवेदक के नाम में ‘डंकी’, फोटो में गधे की तस्वीर, पिता के नाम में ‘डंकी फादर’, माता के नाम में ‘डंकी मदर’ और जाति के कॉलम में ‘एनिमल’ दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं है और न ही कोई लापरवाही है। यह बहुत बड़ा फजीवाड़ा है।
नर्सिंग काउंसिल में बड़े पैमाने पर फर्जी रजिस्ट्रेशन का आरोप
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति के दस्तावेज अपलोड किए जाने पर रजिस्ट्रेशन जारी किया जा रहा है। उनका दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में कहीं न कहीं एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है जो कथित तौर पर फर्जी रजिस्ट्रेशन तैयार करने का काम कर रहा है। परमार का आरोप है कि नर्सिंग काउंसिल में बड़े पैमाने पर फर्जी रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से नर्सिंग कॉलेज घोटाले की जांच से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद इस तरह की कथित अनियमितताएं सामने आना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।
रवि परमार की सरकार से मांगें
रवि परमार ने सरकार से मांग की है कि तत्काल इस फर्जीवाड़े में शामिल दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही एमपी ऑनलाइन जो सबसे बड़ी संस्था होने का दावा करती है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि यह रजिस्ट्रेशन एमपी ऑनलाइन की वेबसाइट से ही जारी हो रहे हैं। यह कोई AI से बनाया गया रजिस्ट्रेशन नहीं है बल्कि यह मध्यप्रदेश की नर्सिंग काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट से बनाया गया रजिस्ट्रेशन है।