मंडला कलेक्टर पर गाज गिरना तय! केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

मंडला कलेक्टर पर गाज गिरना तय! केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

भोपाल/मंडला।
सोशल मीडिया पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध करने वाले कलेक्टर मंडला जगदीश चंद्र जटिया की मुश्किलें बढ़ सकती है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने राज्य सरकार से मंडला कलेक्टर की टिप्पणी के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। सामान्य प्रशासन विभाग कलेक्टर जगदीश चंद्र जटिया से जवाब लेकर केंद्र को रिपोर्ट भेजेगा।

इससे पहले केन्द्र ने प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था। पत्र में लिखा गया था कि जो कानून राजपत्र में प्रकाशित हो चुका है, किसी कलेक्टर द्वारा उसके खिलाफ टिप्पणी करना सर्विस कंडक्ट रूल में कदाचरण की श्रेणी में आता है। अत: संबंधित कलेक्टर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।इसके पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने सरकार को और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। राज्य सरकार ने अब तक कार्रवाई नहीं की। अब कार्मिक मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस मामले में जवाब मांगा है।

यह है मामला
पिछले दिनों कलेक्टर मंडला जगदीश जटिया ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट में लिखा था कि आप कितनी भी घृणा करो, मैं तो देखूंगा छपाक। उन्होंने छपाक का पोस्टर भी पोस्ट किया था। इस पोस्ट पर कुछ लोगों ने कमेंट किए तो कलेक्टर ने लिखा था, मुझे विवेक का इस्तेमाल करना आता है। मैं खुद सीएए और एनआरसी का सपोर्ट नहीं करता हूं। मारपीट भी टीवी पर देखी है। इस पोस्ट पर लोग जब रिएक्ट कर रहे थे, तो कलेक्टर उन्हें जवाब भी दे रहे थे। बखेड़ा खड़ा होने के बाद कलेक्टर ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया था।हालांकि तबतक इसके स्क्रीन शॉट वायरल हो चुके थे। उसके बाद फेसबुक से सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिया था।

विवाद बढ़ने के बाद लिया था यू-टर्न

वही विवाद बढ़ने के बाद जाटिया ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि उन्हेंने केवल छपाक फिल्म देखने की बात कही थी और सरकार ने भी फिल्म को टैक्स फ्री किया है। उन्होंने कहा कि वह फिल्म केवल इसलिए देखना चाहते थे कि एसिड अटैक सर्वाइवर किस तरीके अपना जीवन जीते है और उनकी जिंदगी को किस तरीके से फिल्माया गया है। वहीं मीडिया से बात में कलेक्टर जगदीश जटिया ने CAA-NRC के बारे में कोई भी बात करने से इंकार कर दिया, वहीं कलेक्टर ने विवाद के बाद अपनी फेसबुक पोस्ट भी डिलीट कर दी।लेकिनअब फेसबुक पोस्ट के स्क्रीन शाट्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे है।

कौन है जगदीश जटिया

जगदीश जटिया मंडला के 101वें कलेक्टर है। जटिया 1992 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा और 2009 बैच के भारत प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। इससे पहले ये साल 2007 से 2010 में जिला पंचायत मंडला के ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी रह चुके है।

क्या कहता है नियम

मंडला कलेक्टर जगदीश जटिया भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं, ऐसे में नियम के अनुसार वे किसी लागू कानून का विरोध नही कर सकते।ऐसा करने पर उन पर लोक सेवा आचरण उल्लंघन का केस बनता है। कानून कहता है कि किसी सरकारी अधिकारी को राजनैतिक मुद्दों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए वही अगर कानून बन चुका है तो उसका विरोध करने के बजाय उसे जन-जन तक पहुंचाने में मदद करनी चाहिए। अगर वे विरोध करते हैं तो सीधे तौर पर सर्विस कोड का उल्लंघन माना जाएगा।

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निदेशक और संपादक

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