मध्यप्रदेश सरकार ने आगामी वर्षों के लिए विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करते हुए सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय कल्याण जैसे क्षेत्रों में व्यापक वित्तीय प्रावधान किए हैं।
सिंचाई और ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार
राज्य सरकार ने वर्ष 2029 तक सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सिंचाई परियोजनाओं पर 14,742 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के अंतर्गत 21,630 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे ग्रामीण संपर्क सुदृढ़ होगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा की गई है। 604 मेगावॉट क्षमता की नई इकाई स्थापित की जा रही है और कुल 34,065 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, ताकि प्रदेश की विद्युत आपूर्ति क्षमता को मजबूत किया जा सके।
युवा और शिक्षा को प्रोत्साहन
शिक्षा क्षेत्र में छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 986 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 16 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और 205 महाविद्यालय नैक से मान्यता प्राप्त हैं। सरकार के अनुसार विद्यार्थियों की संख्या में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही, यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के अंतर्गत कक्षा 8 तक के छात्रों को मुफ्त टेट्रा पैक दूध उपलब्ध कराने की नई पहल की गई है, जिससे पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रयास होगा।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
महिला कल्याण और सशक्तिकरण की योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। लाडली लक्ष्मी योजना से अब तक 52 लाख से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं, जिसके लिए 1,800 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है।
वहीं, लाडली बहना योजना के लिए 23,842 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में 19 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की घोषणा की गई है।
सामाजिक सुरक्षा और जनजातीय विकास
दिव्यांगजनों की सहायता योजनाओं के लिए 2,857 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा संबल योजना को जारी रखने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश की लगभग 21 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय वर्ग से संबंधित है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए धरती आबा योजना के तहत 793 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
कृषि और परिवहन में नई पहल
कृषि क्षेत्र में किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत नई बस सेवाएं शीघ्र शुरू किए जाने की घोषणा की गई है।