मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मुंबई में आयोजित ‘मुंबई क्लाइमेट वीक-2026’ में सहभागिता करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को सतत, स्केलेबल और निवेश-अनुकूल ऊर्जा प्रदेश के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ वो इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
17 से 19 फरवरी तक आयोजित इस राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा नवकरणीय ऊर्जा, एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन इनोवेशन से जुड़े व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 18 फरवरी को शाम साढ़े 6 बजे से मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में आयोजित विशेष सत्र में प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति और ऊर्जा भंडारण मॉडल पर केंद्रित प्रस्तुति का नेतृत्व करेंगे।
सीएम मोहन यादव मुंबई क्लाइमेट वीक में सम्मिलित होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में शामिल होंगे। यह आयोजन भारत का पहला बड़ा जलवायु कार्रवाई मंच है जो ग्लोबल साउथ के लिए केंद्रित है। ‘मुंबई क्लाइमेट वीक’ को भारत में जलवायु परिवर्तन संबंधी पहलों को गति देने के लिए एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया गया है। इस आयोजन में राज्यों द्वारा जलवायु नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, कार्बन न्यूनीकरण रणनीति और क्लाइमेट-फ्रेंडली इकोसिस्टम पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में देश-विदेश के नीति-निर्माता, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, निवेशक तथा क्लाइमेट सेक्टर से जुड़े प्रैक्टिशनर भाग ले रहे हैं। यह मंच राज्यों को वैश्विक हरित निवेशकों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान करता है।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिया जाएगा महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रेजेंटेशन में बताया जाएगा कि प्रदेश ग्रीन एनर्जी की सुलभता, विश्वसनीयता और निवेश प्रतिस्पर्धा के सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य का फोकस सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स और ऊर्जा भंडारण तकनीकों को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही, उद्योगों और निवेशकों के लिए नीति-आधारित प्रोत्साहन तथा अनुकूल विनियामक वातावरण विकसित किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस प्रेजेंटेशन से राज्य की छवि मजबूत होगी और यह प्रयास प्रदेश को हरित ऊर्जा निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





