Hindi News

MP में 5 साल में 1% मजदूरों को भी नहीं मिला 100 दिन रोज़गार, मनरेगा को लेकर विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के बाद कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वनाधिकार पट्टाधारकों को 150 दिन रोजगार देने के प्रावधान का भी प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ और कई जिलों में एक भी पात्र मजदूर को पूरा लाभ नहीं मिला। नरेगा को ‘जी राम जी’ योजना में बदले जाने को लेकर उन्होंने सरकार पर वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है
MP में 5 साल में 1% मजदूरों को भी नहीं मिला 100 दिन रोज़गार, मनरेगा को लेकर विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के बाद कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर

MP Vidhan Sabha

मध्यप्रदेश विधानसभा के दूसरे दिन मनरेगा को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के उत्तर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने जो आंकड़े सदन में रखे, उन्होंने योजना की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसे लेकर एक बार फिर कांग्रेस मनरेगा को जी राम जी योजना में बदलने पर सवाल उठा रही है।

मनरेगा से संबंधित जो जानकारी सरकार द्वारा विधानसभा में दी गई उसे लेकर कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने इन आंकड़ों के आधार पर कहा है कि पिछले पांच साल में मध्यप्रदेश में 1 प्रतिशत मजदूरों को भी 100 दिन का रोजगार नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि सरकार मनरेगा में रोजगार नहीं दे पाई इसीलिए इसका नाम बदलकर लोगों को गुमराह कर रही है।

मनरेगा को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर

मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने प्रदेश सरकार पर मनरेगा के तरह रोज़गार देने में विफल रहने का आरोप लगाया है। सरकारी आंकड़ों के आधार पर उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले 5 वर्षों में 1 प्रतिशत मजदूरों को भी पूरे 100 दिन का रोजगार नहीं मिल पाया है।

विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों को लेकर घिरी सरकार 

विधानसभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार मनरेगा अंतर्गत वन अधिकार पट्टा धारकों को एक साल में 150 दिन रोजगार देने का प्रावधान था। लेकिन 24 जिलों में इन मजदूरों का आंकड़ा शून्य रहा। मनरेगा अंतर्गत रजिस्टर्ड मजदूरों में 33.72 प्रतिशत आदिवासी मजदूर है लेकिन वर्ष 2025-26 में 24 जिलों में एक भी मजदूर को 150 दिन का रोजगार नहीं मिल पाया। वहीं, चार जिलों में सिर्फ 1 परिवार को ही 150 दिन का रोजगार मिला। इसके अतिरिक्त अन्य मजदूरों को मनरेगा अंतर्गत पिछले पांच साल में मिले रोज़गार का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है:

  • वर्ष 2021 में 1 करोड़ 70 लाख 19 हजार 681 मजदूर पंजीकृत हैं जिसमें से 1 लाख 23 हजार 624 परिवारों को ही पूरे 100 दिवस का रोजगार मिला।
  • वर्ष 2022 में 1 करोड़ 81 लाख 42 हजार 207 मजदूर पंजीकृत हैं जिसमें से 63 हजार 898 परिवारों को ही पूरे 100 दिवस का रोजगार मिला।
  • वर्ष 2023 में 1 करोड़ 69 लाख 7 हजार 207 मजदूर पंजीकृत हैं जिसमें से 40 हजार 588 परिवारों को ही पूरे 100 दिवस का रोजगार मिला।
  • वर्ष 2024 में 1 करोड़ 70 लाख 42 हजार 207मजदूर पंजीकृत हैं जिसमें से 30 हजार 420 परिवारों को ही पूरे 100 दिवस का रोजगार मिला।
  • वर्ष 2025 में 1 करोड़ 86 लाख 57 हजार 80 मजदूर पंजीकृत हैं जिसमें से 32 हजार 560 परिवारों को ही पूरे 100 दिवस का रोजगार मिला।

कांग्रेस विधायक ने बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप

इसे लेकर कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना बनाने का उद्देश्य गांवों में बेरोजगारी को खत्म करना था लेकिन बीजेपी सरकार ने मनरेगा को ही बर्बाद कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शासनकाल में मनरेगा सहित पूरा पंचायत सिस्टम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने एक मजबूत पंचायती राज सिस्टम खड़ा किया था और पिछले कई सालों से लगातार मजदूरी की मांग बढ़ रही है लेकिन सरकार गांव के श्रमिकों को रोज़गार नहीं दे पा रही है जिस कारण वो पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं।

प्रताप ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) करना और 100 दिन के बजाय 125 दिनों की गारंटी देने का वादा पूरी तरह छलावा है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश सरकार पिछले 6 वर्षो में 1 प्रतिशत मजदूरों को भी 100 दिन का रोजगार नहीं दे पाई है तो अब जी राम जी योजना अंतर्गत साल में 125 दिन रोजगार देने के दावे पूरी तरह फेल साबित होंगे।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !