दुनिया के बड़े प्रौद्योगिकी आयोजनों में शामिल पांच दिवसीय इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 का औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस समिट में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, स्टार्टअप्स, निवेशक और टेक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमता और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व को प्रदर्शित करना है।
हालांकि उद्घाटन दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी के आगमन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कई प्रदर्शकों और स्टार्टअप फाउंडर्स ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के आने पर उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया गया। इसे लेकर कांग्रेस भी हमलावर है। उसका आरोपहै कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान मुख्य प्रदर्शनी हॉल को खाली कराया गया और कई प्रदर्शकों व आगंतुकों को बाहर कर दिया गया।
पीएम मोदी ने किया एआई समिट का उद्घाटन
दिल्ली के भारत मंडपम में पांच दिवसीय “इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट” का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया। यह समिट भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस समिट में 600 से अधिक स्टार्टअप्स, 30 से अधिक देशों के प्रदर्शक, कई थीमेटिक पवेलियन और हजारों अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हैं। समिट 20 फरवरी तक चलेगा, जहां AI के सामाजिक प्रभाव, जिम्मेदार उपयोग, नवाचार और ग्लोबल गवर्नेंस पर चर्चा हो रही है।
कई प्रदर्शकों और स्टार्टअप फाउंडर्स ने लगाए अव्यवस्था के आरोप
हालांकि, उद्घाटन दिवस पर प्रधानमंत्री के आगमन से पहले सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए मुख्य प्रदर्शनी हॉल और स्टॉल्स को अचानक खाली कराने के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया है। कई प्रदर्शकों और स्टार्टअप फाउंडर्स ने कहा है कि उन्हें उनके भुगतान किए गए स्टॉल्स से बाहर निकाल दिया गया और वो घंटों बिना पानी-खाने के इधर-उधर भटकते रहे। वहीं, कुछ ने अपने उत्पाद चोरी होने की शिकायत भी की है। कई प्रदर्शकों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं में कथित चूक का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ कंपनियों के उत्पाद चोरी हो गए। इसके अलावा, टेक इवेंट होने के बावजूद लैपटॉप, कैमरा, बैग और पानी की बोतल जैसी वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाए जाने की शिकायतें भी सामने आई है। कुछ प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि फूड स्टॉल्स पर डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं किया जा रहा था और सिर्फ नकद लेनदेन हो रहा था जिससे काफी असुविधा हुई।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
इसे लेकर अब कांग्रेस भी बीजेपी पर आरोप लगा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे “PR hungry” सरकार का “रैंक मिसमैनेजमेंट” बताया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने “फोटो ऑपर्च्युनिटी” के लिए ऐसा किया जिससे प्रदर्शकों, फाउंडर्स और आगंतुकों को परेशानी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य हॉल खाली कराया गया, टेक उद्यमियों को उनके स्टॉल्स से निकाला गया, उत्पाद चोरी हो गए, इंटरनेट न होने से डेमो फेल हुए, घंटों कतारें लगीं, टेक इवेंट में लैपटॉप-कैमरा-बैग प्रतिबंधित थे और सिर्फ कैश पेमेंट स्वीकार किया गया। उन्होंने इसे भारत की AI क्षमताओं को दुनिया के सामने पेश करने के अवसर का “ग्लोबल एम्बैरसमेंट” करार दिया है।





