मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए इसे “ज्ञान (GYAN) से ज्ञानी (GYANII)” की यात्रा बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह बजट “अभ्युदय मध्यप्रदेश” की थीम पर आधारित है जिसमें मुख्य फोकस किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, गरीब उत्थान और अधोसंरचना विस्तार पर रखा गया है।
वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” घोषित किया गया है। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में “समृद्ध मध्यप्रदेश@2047” विजन के तहत वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर जीएसडीपी का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेपरलेस बजट पेश करते हुए अपने भाषण में भारत को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताया और 7 प्रतिशत से अधिक विकास दर का अनुमान व्यक्त किया। राज्य सरकार ने इसे विकासोन्मुख और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर बजट बताया।
किसान एवं कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता
वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए लगभग 88,910 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि गैर-बजटीय संसाधनों सहित कुल संसाधन 1.15 लाख करोड़ तक पहुंचते हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से किसानों को 12,000 वार्षिक सहायता देने की व्यवस्था जारी रहेगी। 1 लाख सोलर सिंचाई पंप स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।
भांवांतर, फसल बीमा और शून्य ब्याज ऋण योजनाएं भी जारी रहेंगी। वर्ष 2029 तक सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गरीब और सामाजिक सुरक्षा
राज्य में 5 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। 54 लाख से अधिक लोग पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए ₹2,857 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। आबादी भूमि पर मालिकाना हक योजना भी जारी रहेगी।
युवा और शिक्षा पर फोकस
शिक्षा क्षेत्र में 799 पीएम श्री विद्यालय संचालित हैं। 94,300 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए जाएंगे, जबकि 4.85 लाख विद्यार्थियों को साइकिल दी जाएगी। 15,000 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।
608 रोजगार मेलों के माध्यम से 85,000 युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए गए। खेल एवं युवा कल्याण के लिए ₹815 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
महिला सशक्तिकरण को मजबूती
लाड़ली बहना योजना के तहत सहायता राशि ₹1,250 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रतिमाह की गई है। इस योजना के लिए ₹23,882 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के लिए ₹1,801 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। “यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना” के तहत 80 लाख छात्रों को दूध वितरण की व्यवस्था की जाएगी। महिला एवं बाल विकास योजनाओं के लिए ₹1.27 लाख करोड़ से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।
अधोसंरचना और ऊर्जा विस्तार
सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹14,742 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध परियोजना को प्राथमिकता दी गई है।
प्रदेश में 1.85 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क विकसित किया गया है और बिजली उत्पादन क्षमता 25,514 मेगावाट बताई गई है।
“जो कहा सो किया
वित्त मंत्री ने “जो कहा सो किया” के संकल्प को दोहराते हुए पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और जनभागीदारी पर जोर दिया। केंद्र सरकार के सहयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख भी बजट प्रस्तुति में किया गया। मध्यप्रदेश सरकार के इस बजट में किसान आय में वृद्धि, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार अवसर, गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच तथा सिंचाई एवं अधोसंरचना के विस्तार पर खासतौर पर ज़ोर दिया गया है।