कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों और दिल्ली में किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
इसी चुनाव आयोग की प्रक्रिया से कांग्रेस को हिमाचल ओर केरल में सरकार बनाने का अवसर मिला। अगर हार में आयोग दोषी है तो जीत में आयोग सही क्यों नहीं।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस की लगातार हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रहे हैं और अराजकता का वातावरण बना रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष को अपनी पार्टी के प्रदर्शन और नेतृत्व का आत्ममंथन करना चाहिए। लगातार मिल रही पराजय के लिए चुनाव आयोग अथवा अन्य संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को अपने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि जिस चुनाव आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से उसे कई राज्यों में सरकार बनाने का अवसर मिला, उसी चुनाव आयोग पर लगातार सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। यदि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर ही अविश्वास है, तो केरल में कांग्रेस की जीत का क्या अर्थ है?

हिमाचल और तमिलनाडु का जिक्र

उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, वहां भी इसी लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से चुनाव हुए हैं। तमिलनाडु में भी राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन और सरकार में भागीदारी के निर्णय लिए जाते हैं।  यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार से देश का मान-सम्मान बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री पद की गरिमा स्थापित की है, उसको नीचा दिखाने के लिए राहुल गांधी  के ये हथकंडे चलेंगे नहीं, मैं इसकी निंदा करता हूं।

पीएम मोदी की तारीफ, कांग्रेस को सलाह

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज पूरी दुनिया के सामने मजबूती के साथ खड़ा है। साधारण परिवार से निकलकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे मोदी ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को स्थापित किया है। उनकी लोकप्रियता को कम करने के प्रयास सफल नहीं होंगे।  उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि कांग्रेस को चाहिए कि वह अपनी कमजोरियों को स्वीकार करें, संगठन को मजबूत बनाए और जनता के बीच अपना विश्वास पुनः स्थापित करे।