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MP कफ सिरप मामला: बैतूल के 4 साल के हर्ष की चार महीने बाद इलाज के दौरान मौत, उमंग सिंघार ने कहा ‘बीजेपी सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता’

Written by:Shruty Kushwaha
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एक मामूली सर्दी-खांसी का इलाज मासूम की मौत की वजह बन गया। हर्ष की मौत ने उसके परिवार ही नहीं पूरे गांव को गहरे शोक में डुबा दिया है। इस घटना ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि मासूम की यह मौत लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का नतीजा है।
MP कफ सिरप मामला: बैतूल के 4 साल के हर्ष की चार महीने बाद इलाज के दौरान मौत, उमंग सिंघार ने कहा ‘बीजेपी सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता’

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में कफ सिरप मामले में लगभग चार महीने बाद एक और बच्चे की मौत हो गई। बैतूल जिले के चार वर्षीय हर्ष यदुवंशी ने सोमवार रात लंबी जंग के बाद दम तोड़ दिया। हर्ष को पिछले साल सितंबर में सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत पर एक निजी चिकित्सक द्वारा कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया था। इस घटना के बाद कांग्रेस फिर स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि यह मौत नहीं भाजपा सरकार की लचर स्वास्थ व्यवस्था का नतीजा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और बीजेपी सरकार को बताना पड़ेगा आखिर कप सिरप में जहरीला ‘डाइइथिलीन ग्लाइकोल’ कैसे आया। उन्होंने सवाल किया कि मासूमों की जान लेनी वाली ऐसी दवाओं पर अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।

चार साल के मासूम की मौत 

जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जुड़े दर्दनाक सिलसिले में एक और मासूम की जान चली गई। बैतूल जिले के  टीकाबरी गांव के रहने वाले चार साल के हर्ष यदुवंशी ने रविवार रात नागपुर के एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पिछले साल सितंबर में छिंदवाड़ा जिले के परासिया में निजी चिकित्सक से इलाज के दौरान हर्ष को कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया था। दवा लेने के कुछ ही समय बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई। परिजन स्थानीय अस्पतालों से होते हुए उसे नागपुर लेकर पहुंचे। बच्चा पिछले 120 दिन दिन से कोमा में था और डायलिसिस सहित अन्य उपचार चल रहा था। हर्ष की मौत की पुष्टि बैतूल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज हुरमाड़े ने की है। यह बैतूल जिले में इस सिरप से जुड़ी तीसरी मौत है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि यह मौत नहीं बल्कि एमपी की स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर स्थिति का परिणाम है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि आखिर जहरीले कफ सिरप में ‘डाइइथिलीन ग्लाइकोल’ कैसे आया। उन्होंने यह भी पूछा कि मासूमों की जान लेने वाली दवाओं पर अब तक कड़ी कार्यवाही क्यों नहीं की गई। कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी सरकार को इस मामले पर जनता को जवाब देना पड़ेगा।