MP में किसानों के मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, पूछा “अन्नदाताओं को उनका हक कब मिलेगा”

कांग्रेस नेता ने किसानों की बदहाली का आरोप लगाते हुए कहा कि MSP, फसल बीमा और आर्थिक सहायता जैसी योजनाओं के बावजूद किसान उचित दाम और समय पर भुगतान के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कोरी घोषणाओं की बजाय किसानों को उनके अधिकार देने चाहिए।
Umang Singhar

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मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में किसानों की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, फसल बीमा और आर्थिक सहायता जैसी कई योजनाएं होने के बावजूद किसान अपनी उपज का उचित दाम पाने, बढ़ती कृषि लागत और बीमा दावों के भुगतान के लिए परेशान हैं।

कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल किया कि किसानों को कब तक घोषणाओं के भरोसे छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा किसानों को खोखले दावे नहीं फसल का उचित दाम, समय पर भुगतान, बीमा का पैसा और उनकी मेहनत का पूरा हक चाहिए।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार के वर्षों के शासन के बावजूद किसानों को खाद-बीज, डीजल और मजदूरी की बढ़ती लागत के बीच फसलों के उचित दाम और बीमा राशि के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने इस साल गर्मियों में मूंग सीजन में खरीदी में देरी, ई-टोकन व्यवस्था, ग्रेडिंग और भंडारण से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस नेता ने सीहोर जिले के एक किसान का मामला उठाते हुए कहा कि सोयाबीन की फसल बर्बाद होने के बाद लगभग एक साल तक उसे बीमा दावे के संबंध में कोई अपडेट नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि जब किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, फसल बीमा और आर्थिक सहायता की योजनाएं संचालित हैं तो उन्हें अपनी लागत निकालने और अगली फसल की तैयारी करने में चिंता क्यों उठानी पड़ रही है।

मुख्यमंत्री से मांगा जवाब

उमंग सिंघार ने सरकार से किसानों को घोषणाओं की बजाय ठोस राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर भुगतान, फसल बीमा की राशि और उनकी मेहनत का पूरा हक मिलना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से किसानों की समस्याओं पर जवाब देने की मांग की।

मध्यप्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर एमएसपी पर खरीद और फसल बीमा का मुद्दा लगातार चर्चा में है। इस साल ग्रीष्मकालीन मूंग सीजन में खरीदी में देरी, ई-टोकन व्यवस्था, ग्रेडिंग और भंडारण की समस्याओं को लेकर किसानों की नाराजगी सामने आई थी। वहीं, फसल खराब होने के बाद बीमा दावों के निपटारे में देरी ने भी किसानों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। बढ़ती कृषि लागत और उपज का उचित दाम नहीं मिलने की चिंता के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की किसान कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए समय पर भुगतान और किसानों को राहत देने की मांग की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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