मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी शासन में खाद “जादुई” हो गई है। उन्होंने कहा कि ई-टोकन व्यवस्था बंद होते ही 13 दिनों में खाद का उठाव नौ गुना बढ़ गया और कई जिलों में पिछले साल की तुलना में आठ-नौ गुना ज्यादा खाद उठ गई।
कांग्रेस नेता ने इसे भ्रष्टाचार का खेल बताते हुए मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब यह असामान्य उठाव हो रहा था तब सरकार सो रही थी या मिलीभगत का हिसाब लगा रही थी।
क्या है मामला
मध्यप्रदेश में खाद के वितरण और उठाव को लेकर सामने आए आंकड़ों के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। 29 जुलाई को ई-टोकन व्यवस्था बंद होने के बाद खाद के उठाव में अचानक तेजी दर्ज की गई। 14 से 17 अगस्त के बीच किए गए स्टॉक मिलान में कुछ जिलों में पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना अधिक खाद उठाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद सरकार ने 15 जिलों में जांच के निर्देश दिए हैं।
जांच में खाद के सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक वितरण की स्थिति का मिलान किया जाएगा। इसके अलावा मार्कफेड केंद्रों, प्राथमिक कृषि साख समितियों और खाद वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि दर्ज मात्रा में खाद वास्तव में किसानों तक पहुंची या नहीं। जांच के जरिए असामान्य उठाव के कारणों और ई-टोकन व्यवस्था बंद होने के बाद वितरण प्रक्रिया में हुए बदलाव की भी पड़ताल की जाएगी।
कांग्रेस ने घेरा
मध्यप्रदेश में खाद के उठाव में अनियमितताओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर खाद के उठाव में अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार से जोड़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने लिखा कि “मोहन सरकार के राज में खाद भी लगता है ‘जादुई’ हो गई है! 13 दिन में खाद का उठाव 9 गुना बढ़ गया, कई जिलों में पिछले साल से 8-9 गुना ज्यादा खाद उठ गई।” उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।






