दमोह। सावन के आखिरी सोमवार पर दमोह के प्रसिद्ध जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में सुबह से ही हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंच चुके हैं, जबकि दिनभर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। दमोह ही नहीं, अलग-अलग इलाकों से आए कांवड़िए भी नर्मदा जल लेकर जागेश्वरनाथ के दरबार में पहुंच रहे हैं।
सोमवार तड़के करीब 3 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह होने से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जागेश्वरनाथ के दर्शन और जल चढ़ाने के लिए कतारों में नजर आए।
नर्मदा जल लेकर पहुंच रहे कांवड़िए
सावन में जागेश्वरनाथ धाम की अपनी अलग धार्मिक मान्यता है। स्थानीय मान्यताओं में बांदकपुर के जागेश्वरनाथ महादेव को तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन आखिरी सोमवार होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक है।
नर्मदा जल लेकर आने वाले कांवड़ियों की भी लगातार आमद हो रही है। हजारों कांवड़ भगवान जागेश्वरनाथ को समर्पित किए जाने की बात कही जा रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जागेश्वरनाथ महादेव के प्रति उनकी गहरी आस्था है और यहां सच्चे मन से आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम
सावन के आखिरी सोमवार पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें भी व्यवस्था संभाल रही हैं।
पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी के मुताबिक श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दिन चढ़ने के साथ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।






