दमोह जिले में बारिश ने अब लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेंदूखेड़ा शहर के कई इलाकों में बारिश का पानी सड़कों से होते हुए घरों तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा परेशानी वार्ड नंबर 12 और वार्ड नंबर 11 के लोगों को हो रही है।
कई घरों में अंदर तक पानी भर गया, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई। घर में रखा राशन, सामान और दूसरी जरूरी चीजें पानी की वजह से खराब होने लगी हैं। कुछ परिवारों के सामने खाने-पीने की चीजों का संकट तक खड़ा हो गया है।
तेंदूखेड़ा में बारिश से बिगड़े हालात
तेंदूखेड़ा में रुक-रुककर हो रही बारिश का असर अब शहर के निचले इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। बारिश का पानी कई जगह जमा होने के बाद लोगों के घरों तक पहुंच गया। वार्ड नंबर 12 में स्थिति ज्यादा खराब बताई जा रही है। यहां कई घरों के अंदर पानी भर गया है।
घर में पानी आने के बाद सबसे बड़ी परेशानी उन परिवारों को हो रही है, जिनके पास सामान को सुरक्षित जगह पर रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पानी फर्श से होते हुए घर के अंदर रखा सामान भिगो रहा है। अनाज, कपड़े, घरेलू सामान और दूसरी जरूरी चीजों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
वार्ड 12 में घरों के अंदर तक पानी
वार्ड नंबर 12 में रहने वाले लोगों के लिए इस बार की बारिश काफी परेशानी लेकर आई है। कई घरों में पानी अंदर तक पहुंचने के कारण परिवारों को अपने सामान को ऊंची जगहों पर रखना पड़ा। जिन लोगों के घरों में पानी ज्यादा भर गया, उन्हें घर के अंदर चलने-फिरने में भी परेशानी हुई।
सबसे चिंता की बात खाने-पीने के सामान को लेकर सामने आई है। घरों में पानी भरने के कारण कुछ परिवारों का राशन भी खराब हो गया। रोज कमाकर परिवार चलाने वाले लोगों के लिए यह नुकसान और भी बड़ा है, क्योंकि घर का सामान खराब होने के बाद उसे दोबारा खरीदना अतिरिक्त खर्च बढ़ाता है।
वार्ड 11 में सड़कें बनीं नाले
तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर 11 में भी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यहां सड़कों पर पानी जमा होने के बाद लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई जगह सड़क और पानी के बीच अंतर करना तक मुश्किल हो रहा है।
सड़क पर जमा पानी की वजह से पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी पानी से भरी सड़क पर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। पानी के नीचे सड़क की हालत दिखाई नहीं देती, ऐसे में गड्ढे या खराब हिस्सा होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश से नदी-नाले उफान पर
तेंदूखेड़ा क्षेत्र में बारिश का एक और असर आसपास के नदी-नालों पर दिखाई दे रहा है। पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश का पानी नीचे की ओर आने के कारण कई नाले और नदी उफान पर बताए जा रहे हैं।
ऐसे समय में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश भले कम समय के लिए हो, लेकिन उसका पानी नालों और नदियों में तेजी से पहुंच सकता है। इससे अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
जलभराव ने प्रशासन की तैयारियों पर खड़े किए सवाल
तेंदूखेड़ा में बारिश के बाद सामने आए हालात ने स्थानीय प्रशासन और नगरीय निकाय की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि यदि पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से ठीक होती तो घरों और सड़कों पर इतनी बड़ी मात्रा में पानी जमा नहीं होता।
बारिश हर साल आती है और जलभराव वाले इलाकों की पहचान भी पहले से की जा सकती है। ऐसे में नालियों की सफाई, पानी की निकासी के रास्तों की जांच और जरूरत पड़ने पर पंप की व्यवस्था जैसे काम बारिश से पहले किए जाने की जरूरत होती है।






