सागर जिले के प्रसिद्ध आपचंद गुफा पर्यटन स्थल पर शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब नदी का पानी अचानक बढ़ने से घूमने पहुंचे 9 युवक-युवतियां नदी के बीच बने टापू पर फंस गए।
कुछ देर पहले तक जिस जगह पर वे घूम रहे थे, वहां अचानक पानी का बहाव तेज होने लगा। देखते ही देखते टापू के चारों तरफ पानी पहुंच गया और वापस किनारे आने का रास्ता बंद हो गया। बारिश और अंधेरा बढ़ने के साथ युवाओं की चिंता भी बढ़ती गई।
आपचंद गुफाओं में घूमने पहुंचे थे 9 युवक-युवतियां
जानकारी के अनुसार, सागर शहर से युवक-युवतियों का एक समूह शनिवार को आपचंद गुफा घूमने पहुंचा था। बारिश के मौसम में आपचंद गुफा और आसपास का प्राकृतिक इलाका काफी आकर्षक दिखाई देता है। इसी वजह से यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं।
युवाओं का समूह घूमते हुए नदी के बीच बने एक टापू तक पहुंच गया। उस समय नदी का पानी सामान्य दिखाई दे रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ सकता है।
अचानक बढ़ा नदी का पानी
आपचंद गुफा में फंसे 9 युवक-युवतियों के लिए सबसे मुश्किल समय तब आया, जब नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने लगा। पानी का बहाव तेज होने के कारण टापू से बाहर निकलना खतरनाक हो गया।
शुरुआत में युवाओं ने शायद यह उम्मीद की होगी कि पानी कुछ देर में कम हो जाएगा, लेकिन जैसे-जैसे बारिश और पानी का बहाव बढ़ा, खतरा भी बढ़ता गया। चारों तरफ पानी होने के कारण वे सुरक्षित रास्ते से वापस नहीं लौट पा रहे थे। युवाओं ने खुद नदी पार करने के बजाय मदद का इंतजार किया। यही फैसला उनकी सुरक्षा के लिए सबसे अहम साबित हुआ।
अंधेरा बढ़ने के साथ बढ़ी परेशानी
घटना के समय बारिश का असर बना हुआ था और धीरे-धीरे अंधेरा भी होने लगा। दिन के उजाले में भी तेज बहाव वाली नदी को पार करना जोखिम भरा होता है, जबकि रात में स्थिति और कठिन हो जाती है।
अंधेरे में नदी का बहाव और पानी की गहराई साफ दिखाई नहीं देती। बचाव दल के लिए भी टापू तक पहुंचना आसान नहीं था। ऐसे में रेस्क्यू टीम को पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ा।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
जैसे ही 9 लोगों के नदी के बीच फंसे होने की जानकारी पुलिस को मिली, सानौधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेज बहाव के बीच युवाओं को सुरक्षित निकालने की थी। सामान्य साधनों से उन्हें बाहर निकालना सुरक्षित नहीं माना गया। इसके बाद SDRF की मदद लेने का फैसला किया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और युवाओं को सुरक्षित रखने पर ध्यान दिया। साथ ही बचाव दल के पहुंचने तक उन्हें नदी में उतरने से रोकना भी जरूरी था। बारिश के दौरान ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई काफी महत्वपूर्ण होती है। अगर राहत और बचाव दल समय पर नहीं पहुंचता तो बढ़ते पानी के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी।
SDRF की टीम ने संभाला मोर्चा
पुलिस की सूचना के बाद SDRF की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने हालात को देखते हुए रेस्क्यू की तैयारी शुरू की। आपचंद गुफाओं में फंसे 9 युवक-युवतियों का रेस्क्यू आसान नहीं था। नदी में तेज बहाव था और रात का समय होने के कारण दृश्यता भी कम थी। ऐसे में जवानों ने सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी।
रेस्क्यू टीम ने सावधानी से टापू तक पहुंचकर युवाओं को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। एक-एक करके सभी लोगों को सुरक्षित तरीके से बोट तक लाया गया और फिर उन्हें नदी के किनारे पहुंचाया गया।
कई घंटे तक चला बचाव अभियान
आपचंद गुफा में हुआ यह रेस्क्यू अभियान देर रात तक चलता रहा। तेज बहाव के कारण बचाव दल को जल्दबाजी करने के बजाय हर कदम सावधानी से उठाना पड़ा। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और SDRF के बीच तालमेल भी अहम रहा। मौके पर मौजूद टीमों ने स्थिति के अनुसार बचाव की रणनीति बनाई। युवाओं को सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता थी।
विधायक गोपाल भार्गव भी पहुंचे घटनास्थल
घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक गोपाल भार्गव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और रेस्क्यू अभियान की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की।
उन्होंने बचाव कार्य में लगे अधिकारियों और जवानों से भी जानकारी ली। उस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता टापू पर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना था। रेस्क्यू पूरा होने के बाद सभी लोगों के सुरक्षित बाहर आने से प्रशासन और बचाव दल ने राहत की सांस ली।






