भोपाल। मध्यप्रदेश में खेती के तरीके कितने बदल गए हैं और नई तकनीक किसानों के लिए किस तरह उपयोगी हो सकती है, इसकी झलक इस बार प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह में देखने को मिलेगी। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में करीब 200 स्टॉल की कृषि प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जहां आधुनिक कृषि यंत्रों से लेकर नई सिंचाई तकनीकों तक का प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसी आयोजन में प्रदेश स्तरीय क्विज प्रतियोगिता के 165 विजेता किसानों को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटी पुरस्कार के रूप में दी जाएंगी।

वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी के तहत मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में कृषि प्रदर्शनी को विशेष स्थान दिया गया है। आयोजन की थीम ‘समृद्ध खेती-समृद्ध किसान’ रखी गई है। प्रदर्शनी में किसानों को यह समझने का मौका मिलेगा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज और सिंचाई के नए तरीकों से खेती में क्या बदलाव लाए जा सकते हैं।

200 स्टॉल पर दिखेंगी खेती की नई तकनीकें

लाल परेड ग्राउंड में लगने वाली प्रदर्शनी में उन्नत बीज, जैविक और प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि यंत्र, स्मार्ट सिंचाई तकनीक और एग्री स्टार्टअप से जुड़ी जानकारी मिलेगी। आधुनिक मशीनों और कम पानी में सिंचाई की तकनीकों का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके अलावा एक ही खेत में अलग-अलग फसलें उगाने के तरीकों को भी दिखाया जाएगा।

प्रदर्शनी केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगी। पशुपालन विभाग उन्नत नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन करेगा, जबकि उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर फल, फूल और सब्जियों की अलग-अलग किस्मों के साथ जीआई टैग वाले उत्पाद भी देखने को मिलेंगे।

क्विज में शामिल हुए थे 40 हजार किसान, 165 को मिलेंगे बड़े पुरस्कार

स्थापना दिवस समारोह में उन किसानों को भी सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने प्रदेश स्तरीय स्वाभिमान पर्व क्विज प्रतियोगिता में जीत हासिल की है। वीर भारत न्यास के सहयोग से यह ऑनलाइन प्रतियोगिता 29 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेशभर के करीब 40 हजार किसानों ने हिस्सा लिया था।

मेरिट सूची के आधार पर लॉटरी के जरिए प्रदेश के 55 जिलों से कुल 165 विजेताओं का चयन किया गया। हर जिले से तीन किसान चुने गए हैं। प्रथम पुरस्कार के रूप में 55 ट्रैक्टर, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 55 बुलेट मोटरसाइकिल और तृतीय पुरस्कार के रूप में 55 ई-स्कूटी दी जाएंगी।

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विजेता किसानों को सम्मानित करेंगे। अन्य जिलों में प्रभारी मंत्रियों के माध्यम से पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं और खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारियों से जोड़ना था।

2 और 3 नवंबर को वैज्ञानिकों से खेती के गुर सीखेंगे किसान

कृषि प्रदर्शनी के साथ 2 और 3 नवंबर को किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और संगोष्ठियां भी आयोजित की जाएंगी। इनमें विभिन्न विभागों के मास्टर ट्रेनर और कृषि वैज्ञानिक किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देंगे।

किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल, फसल कटाई के बाद बची नरवाई के प्रबंधन, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण के बारे में बताया जाएगा। पशुपालन, दूध उत्पादन और मछली पालन से आय बढ़ाने के तरीकों पर भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा खेती में सहकारी संस्थाओं और बैंकों की भूमिका पर चर्चा होगी।

स्थानीय उत्पादों के साथ पारंपरिक व्यंजनों का भी मिलेगा स्वाद

प्रदर्शनी में किसान बाजार और महिला उद्यमिता मंडप भी लगाए जाएंगे। यहां मध्यप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और महिला उद्यमियों के बनाए सामान बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।

आयोजन स्थल पर ‘स्वाद देशज व्यंजन मेला’ भी लगेगा। इसमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों के साथ श्रीअन्न यानी मोटे अनाज से बने पकवान भी मिलेंगे।

कृषि विभाग के अनुसार, किसान कल्याण वर्ष के दौरान बलराम कृषि महोत्सव, किसान रथ यात्राओं, कृषि मेलों और संगोष्ठियों के जरिए किसानों तक नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई गई है। स्थापना दिवस पर होने वाली यह प्रदर्शनी भी उसी क्रम का हिस्सा है, जहां किसान खेती के नए तरीके देखने के साथ विशेषज्ञों से सीधे जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।