मध्यप्रदेश में ओलावृष्टि और बेमौसम हुई बारिश के बाद राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इससे प्रभावित किसानों के लिए राहत की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के सभी कलेक्टरों और तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नुकसान का आकलन करें और बिना देरी के रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि जहां 100 प्रतिशत फसल नुकसान पाया जाएगा वहां किसानों को 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की राहत राशि दी जाएगी। वहीं, जिन किसानों की फसल को आंशिक नुकसान हुआ है उन्हें भी नुकसान के अनुपात में मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट आते ही मुआवजा राशि जारी कर दी जाएगी जिससे किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
बारिश और ओलावृष्टि से कई जिलों में फसलें बर्बाद
मध्यप्रदेश में मंगलवार को कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि। के कारण रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी रबी फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई है। कटाई के करीब खड़ी फसलों पर इस मौसम की मार से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है और उनकी चिंता बढ़ गई है। हालांकि सरकार ने किसानों को जल्द से जल्द सर्वे कहा मुआवजा देने की बात कही है।
राजस्व मंत्री ने की बड़ी घोषणा
इसे लेकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि ओलावृष्टि से प्रभावित सभी क्षेत्रों में तत्काल फसल क्षति सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे खुद मौके पर जाकर नुकसान का आकलन करें। उन्होंने घोषणा की है कि जहां 100 प्रतिशत फसल नुकसान हुआ होगा वहां किसानों को 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की राहत राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, जिन किसानों की फसल को 50 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है उन्हें 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में लगभग 25 प्रतिशत फसल क्षति दर्ज की जाएगी वहां भी किसानों को 9,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि प्रदान की जाएगी। करण सिंह वर्मा ने कहा कि सर्वे पोर्ट आने के बाद जल्द से जल्द किसानों को राहत राशि वितरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि “मोहन यादव की सरकार में किसानों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम हर स्तर पर किसानों के साथ खड़े हैं और उनका नुकसान पूरा भरपाई करेंगे।”





