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मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर, एमपी में बनेगा व्यापारी कल्याण बोर्ड, जानें अन्य फैसले

Written by:Pooja Khodani
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Mohan Cabinet Meeting Decision: कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि मध्य प्रदेश के व्यापारिक समुदाय के हितों के संरक्षण, उनके सर्वांगीण विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए "राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड" बनाया जाएगा। बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे।
मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर, एमपी में बनेगा व्यापारी कल्याण बोर्ड, जानें अन्य फैसले

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार (5 मई 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में किसानों और प्रदेश के विकास को लेकर बड़े फैसले लिए गए। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तर्ज पर राज्य स्तरीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने दी।

कैबिनेट बैठक में बताया गया कि कृषि कल्याण वर्ष में 9 से 13 जून तक इंदौर में ब्रिक्स का सम्मेलन होगा, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि के क्षेत्र में उन्नयन, अच्छे बीजों और टेक्नोलॉजी उपयोग पर चर्चा की जाएगी। श्रमिकों के लिए श्रम स्टार रैटिंग की व्यवस्था लागू की गई। इस रैटिंग को उद्योगपति अपने-अपने ब्रॉन्ड पर अंकित करेंगे। इससे पता चलेगा के संबंधित ब्रॉन्ड के सामान की फैक्टरी या उद्योग में श्रमिकों के कल्याण की क्या-क्या व्यवस्थाएं हैं। इसमें अब तक 514 उद्योग जुड़ चुके हैं। इसके लिए उद्योगपतियों ने एक फॉर्मेट बनाया है।

कैबिनेट बैठक में जानकारी दी गई कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया लगातार जारी हैं। 40 प्रतिशत किसानों का गेहूं खरीदा जा चुका हैं। अबतक 41 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदा और 6520 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। मध्यम और बडे किसानों को जोड़कर अबतक कुल 14 लाख 76 हजार किसानों ने स्लॉट बुक किए हैं। सरकार ने इस साल 100 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदी का टारगेट तय किया है।

मोहन कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले

दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” के लिए 2442.04 करोड़ की स्वीकृति

  • मध्यप्रदेश में “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” की आगामी 5 वर्षों 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2442 करोड़ 04 लाख रुपये की स्वीकृति दी।
  • योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक नियम/दिशा-निर्देश जारी करने के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को अधिकृत किया गया।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दलहन फसलों में आत्मनिर्भर बनने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन में से दलहन फसल को पृथक कर “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” 11 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ किया गया। भारत सरकार ने केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में नए मिशन “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” को मंजूरी दी है।
  • मिशन का उददेश्य दलहनी फसलों के उत्पादन वृद्धि एवं क्षेत्रफल का विस्तार करना, किसानों के लिए जलवायु-अनुकूल उन्नत बीजों का उत्पादन एवं उपलब्धता बढ़ाना, कटाई के बाद प्रसंस्करण, भंडारण एवं प्रबंधन तकनीकों को प्रोत्साहित करना है।
  • योजना में प्रदेश में “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” क्रियान्वयन से प्रजनक बीज, बीज उत्पादन, बीज वितरण, प्रदर्शन और ट्रेनिंग होगी। साथ ही पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई) इकाई विकसित होने से कृषक लाभान्वित होगें तथा दलहनी फसलों के क्षेत्रफल में विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उत्पादन में वृद्धि होगी।

सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32 हजार 405 करोड़

  • लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32,405 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।
  • सड़क एवं सेतु के संधारण से संबंधित योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 150 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है।
  • ‘एफ’ टाईप एवं उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों के अनुरक्षण के लिए 1 हजार 345 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
  • ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के लिए 24 हजार 300 करोड़ रुपये का अनुमोदन सहित सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों से जुड़ी योजना की 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 की निरंतरता के लिए 610 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गए।

 प्रदेश में होगा ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ का गठन 

  • राज्य के व्यापारिक समुदाय के हितों के संरक्षण , उनके सर्वांगीण विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ और जिला स्तरीय समितियों के गठन की मंजूरी दी है।
  • इसका मुख्य लक्ष्य प्रदेश के व्यापारियों और सरकार के बीच एक सीधा संवाद तंत्र स्थापित करना है, जिससे व्यापारिक क्षेत्र की बाधाओं को दूर कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दी जा सके।
  • मुख्यमंत्री, राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सदस्य होंगे।
  • प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के लिए वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खनिज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य नीति आयोग, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनएचएआई और एफएसएसएआई जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के प्रमुखों को भी बोर्ड का आधिकारिक सदस्य बनाया गया है।
  • अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान और आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
  • बोर्ड में देश के प्रतिष्ठित व्यापारिक संगठनों जैसे सीआईआई, फिक्की, डिक्की, फिओ और लघु उद्योग भारती के राज्य प्रमुखों को पदेन सदस्य के रूप में जोड़ा गया है।
  • क्षेत्रीय प्राधिकरण डीजीएफटी को सदस्य एवं मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक को सदस्य सचिव के रूप में शामिल किया गया है।
  • राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड में आवश्यकतानुसार संशोधन अध्यक्ष की अनुमति से किया जा सकेगा। जिला स्तरीय समिति के गठन एवं कार्य क्षेत्र का निर्धारण सदस्य सचिव द्वारा किया जायेगा।
  • राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड की बैठक कैलेंडर वर्ष में चार बार अर्थात् प्रत्येक 3 माह में एक बार तथा जिला स्तरीय समिति की बैठक प्रत्येक माह में एक बार आयोजित की जाएगी।

अन्य फैसले

  • पांच साल के कार्यों की निरंतरता के लिए 38555 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इसमें चार लोक निर्माण विभाग, चार महिला बाल विकास विभाग के शामिल हैं।
  • महिला एवं बाल विकास अंतर्गत नवीन, निर्माणाधीन अपूर्ण एवं अप्रारंभ आँगनवाड़ी भवनों के निर्माण और समेकित बाल संरक्षण योजना के लिए लगभग 2 हजार 412 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए।
  • विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग के अंतर्गत इलेक्ट्रॅानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्य से संबंधित योजनाओं की निरंतरता और संचालन के लिए 1295 करोड़ 52 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आरसीबीसी , डीईजीएस और एनआईसी आदि केन्द्रों के आगामी पांच वर्षों 1 मार्च 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 244 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।  क्लेस्टर केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से भोपाल के पास 200 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बन रहा है। सेमी कंडेक्टर से संबंधित कार्य होंगे।
  • प्रदेश में स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क की स्थापना (स्वान) और संचालन संबंधी योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 526 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी शासकीय कार्यालयों को आपस में जोड़कर सुगम संचार एवं सूचना के आदान-प्रदान की सुविधा उपलब्ध कराना है।

Pooja Khodani
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