Fri, Jan 2, 2026

MP News : मंत्री उदय प्रताप सिंह के निर्देश, नये शिक्षण सत्र में और बेहतर करें स्कूली शिक्षा व्यवस्था

Written by:Atul Saxena
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संपूर्ण साक्षरता के लिए संचालित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम उल्लास के अंतर्गत अब तक लक्ष्य से अधिक उपलब्धि के लिये विभागीय प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मंत्री सिंह ने वर्ष 2028 के पूर्व शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास करने के निर्देश दिए।
MP News : मंत्री उदय प्रताप सिंह के निर्देश, नये शिक्षण सत्र में और बेहतर करें स्कूली शिक्षा व्यवस्था

School Education Minister Uday Pratap Singh meeting

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आज मंत्रालय के सभा भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा की, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि, हम बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर बेहतर भविष्य प्रदान करें। मंत्री ने कहा स्कूली शिक्षा, व्यक्ति, समाज और देश के भविष्य को तैयार करती है, इसे नए शिक्षण सत्र में और बेहतर किया जाए।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर कक्षा-एक में नामांकन प्रगति और नि:शुल्क पाठयपुस्तक, साइकिल, स्कूटी और लेपटॉप वितरण तथा विभिन्न हितग्राही राशियों के अंतरण जैसी योजनाओं के समयबध्द क्रियान्वयन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

स्कूली शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ करने पर जोर

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षाओं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार स्कूली शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए समयबध्दता के साथ क्रियान्वयन के निर्देश दिये। उन्होंने विभिन्न क्रय प्रक्रियाओं को नियमानुसार सरल बनाते हुए गुणवत्ता और समयसीमा में कार्य पूरे  करने के निर्देश भी दिये।

मातृ भाषा में प्राथमिक शिक्षण और अन्य वैश्विक भाषाओं का भी ज्ञान

मंत्री सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुक्रम में प्रदेश में अब तक हुए कार्यो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि, बाल्यावस्था में सहज और रुचिकर  शिक्षा के लिए मातृ भाषा में शिक्षण जितना आवश्यक है, वैश्विक समाज में प्रतिस्पर्धा और स्थापन के लिए अन्य वैश्विक भाषाओं का ज्ञान भी उतना ही आवश्क है। इस दिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशा निर्देशों के अनुरूप प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएं।

निजी विद्यालयों को भी कम कीमत पर गुणवत्तायुक्त पाठ्य पुस्तकें

स्कूल शिक्षा मंत्री ने आगामी सत्र के पूर्व ही समस्त पाठ्य पुस्तकें मुद्रित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एमपी बोर्ड पाठ्यक्रम संचालित करने वाले निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी कम कीमत पर उक्त पाठ्य पुस्तकें उपलब्घ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों के साथ बैठकें कर उनकी आवश्यकता का आंकलन किया जाए। आवश्यकता अनुसार निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये भी गुणवत्तायुक्त पाठ्य पुस्तकों की कम कीमत पर उपलब्धता सुनिश्चित करें। विभाग की इस सुविधा का विद्यार्थियों और अभिभावकों के मध्य व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाये।

माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को कोडिंग का प्रशिक्षण

विभागीय प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मंत्री सिंह ने प्रदेश के लगभग 3 हजार 300 हाई और हायर सैकण्डरी विद्यालयों में कक्षा 9वीं से व्यवसायिक शिक्षा अंतर्गत एआई एवं आईटी विषयों पर आधारित कोर्स के संचालन तथा कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिये कोडिंग के प्रशिक्षण का सुचारू संचालन के निर्देश दिये।

कायाकल्प अभियान अंतर्गत विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कायाकल्प अभियान अंतर्गत विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्घता सुनिश्चित करते हुए प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने के दिशा-निर्देश दिए। शाला परिसरों की बाउड्रीवॉल के प्रस्ताव आगामी वार्षिक कार्य योजना में भेजने और भारत सरकार से इसके लिये आग्रह करने को भी कहा। उन्होने यथाशीघ्र पूर्ण रूपेण क्रियाशील बालिका शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रदान किए। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि, शालाओं के उचित रख-रखाव के लिये नियत आकस्मिक निधि की राशि में बढौतरी के लिये आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बजट प्रावधान भी किया जाये।

स्कूल  स्तर से उत्कृष्ट खिलाड़ियों की पहचान कर सुविधाएं देने के निर्देश 

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों की प्रतिभा अनुसार खेलों ओर प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। प्रधानमंत्री की मंशानुसार हमें वर्ष 2036 के ओलपिंक खेलों को ध्यान में रख खिलाडी और खेल सुविधाएं तैयार करने पर जोर देना है। उन्होंने विभागीय पोर्टल पर विद्यार्थियों की खेल अभिरूचियों और प्रतिभा का अंकन दर्ज करने के निर्देश दिए, जिससे एक डाटा उपलब्ध हो सके। इस डेटा को खेल विभाग के साथ साझा कर विद्यार्थियों को उचित अवसर एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने और स्कूलों में उक्तानुसार खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी कहा।