Fri, Jan 2, 2026

Uttarakhand: सीएम धामी ने आवास पर रोपे 4 हजार ट्यूलिप बल्ब, उद्यान विभाग को दिए कमर्शियल प्रोडक्शन के निर्देश

Written by:Banshika Sharma
Published:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास परिसर में 17 प्रजातियों के चार हजार ट्यूलिप बल्बों का रोपण कर नई मुहिम की शुरुआत की। उन्होंने उद्यान विभाग को राज्य में ट्यूलिप के व्यावसायिक उत्पादन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
Uttarakhand: सीएम धामी ने आवास पर रोपे 4 हजार ट्यूलिप बल्ब, उद्यान विभाग को दिए कमर्शियल प्रोडक्शन के निर्देश

उत्तराखंड में पुष्प उत्पादन और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई पहल की है। मुख्यमंत्री ने अपने आवास परिसर के उद्यान में सपरिवार ट्यूलिप के बल्ब रोपकर एक विशेष अभियान का शुभारंभ किया। इस मुहिम के तहत सीएम आवास में ट्यूलिप की 17 अलग-अलग प्रजातियों के कुल चार हजार बल्ब लगाए जा रहे हैं।

बागवानी में नवाचार पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर राज्य में फूलों की खेती और बागवानी के क्षेत्र में नवाचार (Innovation) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल प्रदर्शन तक सीमित न रहें, बल्कि ट्यूलिप के व्यावसायिक उत्पादन (Commercial Production) के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के किसान और बागवान इन फूलों की खेती से आर्थिक लाभ कमा सकें।

लेक पर्पल और बाईकलर प्रजातियां खास

सीएम आवास के बगीचे में रोपे जा रहे चार हजार ट्यूलिप बल्बों में कुछ बेहद खास किस्में भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें ‘लेक पर्पल’ और ‘बाईकलर’ प्रजाति के ट्यूलिप भी हैं, जो अपनी विशेष रंगत के लिए जाने जाते हैं। ये फूल खिलने के बाद उद्यान की शोभा बढ़ाएंगे और राज्य में ट्यूलिप की खेती की संभावनाओं को प्रदर्शित करेंगे।

अधिकारियों से ली विस्तृत जानकारी

बल्ब रोपण के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित से ट्यूलिप उत्पादन की तकनीकी बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने परिसर में चल रहे अन्य बागवानी कार्यों का भी जायजा लिया। सीएम ने मशरूम उत्पादन और मौनपालन (मधुमक्खी पालन) जैसे विषयों पर भी जानकारी ली और इन्हें बढ़ावा देने की बात कही।

गौरतलब है कि उत्तराखंड का जलवायु ट्यूलिप जैसी विदेशी प्रजातियों के फूलों के लिए अनुकूल माना जाता है। सरकार की कोशिश है कि पिथौरागढ़ और मुनस्यारी की तरह अन्य पहाड़ी इलाकों में भी ट्यूलिप गार्डन विकसित किए जाएं ताकि पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिल सके।