मध्यप्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में अब “हाईटेक तरीके” से परीक्षाओं में धांधली की जा रही है। पुलिस आरक्षक भर्ती में घोटाले का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जान चुकी है कि भाजपा नेताओं की सरपरस्ती के बिना इस तरह की परीक्षा चोरी संभव नहीं है और इसे रोकने के लिए बीजेपी को हटाना ही एकमात्र उपाय है।
कांग्रेस नेता ने कहा है कि जहां पहले OMR शीट बदलने जैसे मामले सामने आते थे, वहीं अब तकनीक के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस/एक्साइज आरक्षक भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे व्यक्ति ने अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र हल किए।
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पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में घोटाले के आरोप
आबकारी आरक्षक भर्ती घोटाले के बाद अब एमपी पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में घोटाले के आरोप लग रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिन प्रश्नों को हल करने में सामान्य तौर पर 30 से 40 सेकंड का समय लगता है, उन्हें कुछ अभ्यर्थियों ने मात्र 2 से 3 सेकंड में हल कर दिया। शुरुआती समय में अभ्यर्थियों द्वारा प्रश्नों को स्किप करना और बाद में अचानक बहुत तेजी से पूरे प्रश्नपत्र को हल करना भी जांच में सामने आया। इतना ही नहीं, कई अभ्यर्थियों के गलत उत्तर भी एक जैसे पैटर्न में पाए गए, जिससे संदेह और गहरा गया। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि परीक्षा के दौरान तकनीकी छेड़छाड़ की गई। सीसीटीवी फुटेज और सिस्टम लॉग्स में संकेत मिले हैं कि परीक्षा शुरू होने से पहले कुछ कंप्यूटर मॉनिटर बदले गए थे। इस मामले में 14 संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान कर उनकी अभ्यर्थिता रद्द कर दी गई है और मामला स्टेट साइबर सेल को सौंपा गया है।
कमलनाथ ने सरकार को घेरा
इसे लेकर कमलनाथ ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि “भाजपा के राज में मध्यप्रदेश में सारा शोध और अनुसंधान भर्ती परीक्षा घोटाले में किया जा रहा है।” पूर्व सीएम ने कहा कि पहले व्यापक में OMR शीट बदलने जैसे मामले सामने आते थे लेकिन अब तकनीक का इस्तेमाल कर नकल के नए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में ऐसी आशंका जताई गई है कि कुछ अभ्यर्थियों के पेपर परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे लोगों द्वारा हल किए गए।
“बीजेपी को हटाना ही एकमात्र उपाय”
कमलनाथ ने कहा कि जांच में संकेत मिले हैं कि यह काम रिमोट एक्सेस सॉफ़्टवेयर या कंप्यूटर मिररिंग तकनीक के माध्यम से किया गया हो सकता है। कुछ अभ्यर्थियों द्वारा सवालों को असामान्य रूप से सिर्फ 3–4 सेकंड में हल किए जाने को भी उन्होंने संदिग्ध बताया, जबकि सामान्यतया इन सवालों में 30–40 सेकंड लगते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सारा काम क्या सिर्फ कुछ व्यक्तियों द्वारा परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने का है या फिर इसके पीछे बड़ा रैकेट काम कर रहा है जो जानबूझकर परीक्षा प्रक्रिया को हाईजैक कर रहा है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या ऐसा तंत्र सत्ता की भागीदारी के बिना संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की चोरी रोकने के लिए भाजपा की सरकार को हटाना ही एकमात्र उपाय बचा है।