MP देश में IAS रिक्त पदों में दूसरे, IPS में चौथे नंबर पर: उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, खाली पदों पर तत्काल नियुक्ति की मांग

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ते अपराध इस बात का प्रमाण हैं कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि अधिकारियों की भारी कमी ने हालात और बदतर कर दिए हैं और सीमित अधिकारियों पर अत्यधिक दबाव बन रहा है।
Umang Singhar Madhya Pradesh

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कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार में मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था भगवान भरोसे है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमराता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि “एमपी में आईपीएस जैसे अहम पदों पर भारी कमी और आरक्षित पद वर्षों से खाली यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की खुली विफलता का प्रमाण है।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार में गृह मंत्री के पास कानून-व्यवस्था की सुध लेने की फुर्सत नहीं है। लगातार बढ़ते अपराध अपराधियों के हौसले बुलंद होने का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की भारी कमी ने स्थिति और बिगाड़ दी है। उन्होंने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से खाली पड़े आईपीएस पदों पर तत्काल नियुक्ति करने की मांग की है।

आईएएस आईपीएस के रिक्त पदों में मध्यप्रदेश पहली पंक्ति में

केंद्र सरकार द्वारा संसद में हाल ही में पेश आंकड़ों के अनुसार देशभर में IAS में लगभग 18.9% और IPS में लगभग 9.9% पद खाली हैं। आईएएस के 1300 पद और आईपीएस के 505 पद रिक्त हैं। कुल तीन अखिल भारतीय सेवाओं IAS, IPS और IFS में करीब 2,834 पद खाली पड़े हैं। आईएएस के रिक्त पदों में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। सबसे ज्यादा खाली पद उत्तर प्रदेश में हैं। वहीं, आईपीएस के रिक्त पदों को लेकर एमपी चौथे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में कुल अखिल भारतीय सेवाओं में 195 से 203 पद खाली बताए जा रहे हैं, जिसमें प्रमोशन में देरी भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

किसी भी राज्य में यह कमी जिला प्रशासन, पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को सीधे सीधे प्रभावित करती है। इस मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था “भगवान भरोसे” चल रही है और प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमराता नजर आ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि भारतीय पुलिस सेवा जैसे महत्वपूर्ण पदों पर लंबे समय से भारी कमी बनी हुई है और कई आरक्षित पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जो सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और जिम्मेदार पदों पर अधिकारियों की कमी के कारण सीमित अधिकारियों पर अत्यधिक दबाव बन रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कांग्रेस नेता ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की मांग की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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