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MP में सड़क के गड्ढों से मिलेगी निजात, PWD मंत्री राकेश सिंह बोले लोकपथ 2.0 में शिकायत मिलते ही 4 दिन में होगी समस्या दूर

Written by:Atul Saxena
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अब लोकपथ 2.0 में सड़कों के गड्ढों को ठीक करने का समय और कम कर दिया गया है यानि शिकायत मिलने के बाद अब 4 दिन में इंजीनियर को गड्ढे भरना होंगे और फोटो अपलोड करना होगी
MP में सड़क के गड्ढों से मिलेगी निजात, PWD मंत्री राकेश सिंह बोले लोकपथ 2.0 में शिकायत मिलते ही 4 दिन में होगी समस्या दूर

Minister Rakesh Singh CM Dr. Mohan Yadav

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एक हाथों लोकपथ 2.0 एप का लोकार्पण किया, विभागीय मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया से बात करते हुए एप की विशेषता बताते हुए कहा कि इस एप के माध्यम से नागरिकों को कई सुविधाएँ मिलेंगी, उन्होंने बताया कि इस एप को लोकपथ 1.0 की तुलना में अपडेट किया गया है।

राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ”कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क” 2026 दस्तावेज़ का विमोचन भी किया। मंत्री राकेश सिंह ने देश में ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है इसमें 17 00 इंजीनियर्स को ऑनलाइन जोडकर उनके प्रश्नों के उत्तर देकर इसे तैयार किया है।

अब 7 दिन में नहीं 4 दिन में भरने होंगे सड़क के गड्ढे 

PWD मंत्री ने बताया लोकपथ 2.0 की खूबियाँ मीडिया से साझा की, उन्होंने बताया कि लोकपथ 1.0 एप में सड़कों के गड्ढों के फोटो खींचकर डालने पर 7 दिन के अन्दर उस क्षेत्र के इंजीनयर को उसे ठीक कर फोटो अपलोड करने की की बाध्यता थी, यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो ऑटो जनरेट नोटिस उनके पास जाता है।

लोकपथ 2.0 एप एक ट्रेवल पार्टनर की तरह भी करेगा काम 

उन्होंने कहा कि अब हमने लोकपथ 2.0 में सड़कों के गड्ढों को ठीक करने का समय और कम कर दिया है यानि शिकायत मिलने के बाद अब 4 दिन में इंजीनियर को गड्ढे भरना होंगे और फोटो अपलोड करना होगी , उन्होंने कहा ये एप सिर्फ शिकायत के लिए हैं नही रहा अब ये एप स्मार्ट ट्रेवल पार्टनर के रूप में भी काम करेगा यानि ये मध्य प्रदेश में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के वैकल्पिक मार्ग की जानकारी भी देगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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