स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश, शिक्षकों की समस्याएं दूर करने लगेंगे शिविर, अनुकंपा नियुक्ति पर कही बड़ी बात

मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये निचले स्तर के शिक्षकों को शामिल करते हुए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। इसमें शिक्षक संघों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी।
MP School Education Minister Uday Pratap Singh

Uday Pratap Singh

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आज मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न शिक्षक संघों के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में शासकीय शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये शिविर लगाये जायेंगे। यह शिविर संभाग, जिला और विकासखण्ड स्तर पर लगाये जायेंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा समस्याओं के निराकरण के लिये संबंधित अधिकारी त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। लगाये गये शिविरों की राज्य स्तर पर भी समीक्षा की जायेगी। मंत्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिये संवेदनशील है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में 4 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें अतिथि शिक्षक भी शामिल हैं।

अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण त्वरित  

शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में दिवंगत शिक्षकों के परिवार के अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में त्वरित कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर नियुक्ति के समय प्रशिक्षण, डीएड एवं बीएड की अनिवार्यता की  समय अवधि निश्चित करते हुए संतोषजनक रास्ता निकाला जायेगा। मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये निचले स्तर के शिक्षकों को शामिल करते हुए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। इसमें शिक्षक संघों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। बैठक में शिक्षकों को चतुर्थ समयमान और क्रमोन्नत वेतनमान दिये जाने संबंधी बिन्दु पर भी चर्चा की गयी।

बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने एक अन्य बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित 4 श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में अध्यनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि विद्यालय को दिये जाने वाले बजट का शत-प्रतिशत उपयोग बच्चों के हितों में किया जाये। उन्होंने बच्चों के समग्र विकास के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। मंत्री ने बताया श्रमोदय आवासीय विद्यालय के संचालन के लिये श्रम विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच एमओयू हुआ है।

बोर्ड परीक्षाओं का प्रतिशत 99 प्रतिशत 

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 4 श्रमोदय आवासीय विद्यालय भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में संचालित हो रहे हैं। बैठक में श्रमोदय विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन किये जाने पर भी चर्चा की गयी। इन विद्यालयों में 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 99 प्रतिशत और 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 96 प्रतिशत से अधिक रहा है। इन विद्यालयों में ई-अटेंडेंस की व्यवस्था लागू कर दी गयी है। शाला में प्रवेश के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष परीक्षा आयोजित की जा रही है। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता एवं अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने श्रमोदय आवासीय विद्यालय के संचालन संबंधी जानकारी दी।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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