मध्य प्रदेश में प्री मानसून गतिविधियां जारी है। रविवार (21 जून 2026) को प्रदेश के 37 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का भी अनुमान है। अगले दो से तीन दिनों में प्री मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
शनिवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सीहोर और धार के पीथमपुर में अच्छी बारिश हुई। उज्जैन में सबसे ज्यादा 2.4 इंच वर्षा दर्ज की गई। छिंदवाड़ा का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में 33.4 डिग्री, इंदौर 35.2 डिग्री, उज्जैन 35 डिग्री, ग्वालियर 39.6 डिग्री और जबलपुर में 40.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया ।
आमतौर पर दक्षिण पश्चिम मानसून 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार चाल धीमी होने के चलते 10 दिन की देरी से 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा अभी महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार तक केंद्रित है।
रविवार को इन जिलों में अलर्ट
इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ और अलीराजपुर ।
अबतक कहां कितनी हुई बारिश
- 1 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 46 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश के 55 में से 45 जिले सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में हैं।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 65% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 30% कम बारिश हुई। आलीराजपुर में अबतक बारिश नहीं हुई है। वहीं भोपाल में सबसे अधिक करीब 4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है।







