MP Weather: मप्र में झमाझम के आसार, आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
जुलाई महीने में बारिश की बहार से वंचित रहे प्रदेशवासियों के लिए अगस्त का महीना अच्छी खबर लेकर आया है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिले है। सावन के खत्म होने और भादो की शुरुआत के साथ मेघों के झमाझम बरसने का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग की माने तो मंगलवार को एक नए सिस्टम बनने की उम्मीद है, ऐसे में बारिश का दौर फिर से शुरु हो जाएगा। मौसम विभाग ने सोमवार को फिर से येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

इससे पहले रविवार को सुबह 8ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक मंडला में 3,रायसेन में 1 मिमी. बारिश हुई। भोपाल में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें पड़ीं। मौसम विभाग की माने तो बंगाल की खाड़ी में मंगलवार को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थित से मध्य भारत के नीचे की तरफ आ गई है। इसके अतिरिक्त एक शियर जोन(पूर्वी-पश्चिमी हवाओं का टकराव) महाराष्ट्र पर बन गया है। इसके कारण मंगलवार से मध्य प्रदेश में अच्छी बरसात का दौर शुरू होने की संभावना है। बारिश का यह सिलसिला 3-4 दिन तक जारी रह सकता है। अगले 1 सप्ताह में मध्य प्रदेश के 20 जिलों में बारिश की संभावना है।

खरीफ की फसल बर्बाद की कगार पर
प्रदेश में जहाँ सिंगरौली जिले में सबसे ज्यादा तो ग्वालियर में सबसे कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। 15 जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम होने के कारण फसलों पर विपरीत असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। प्रदेश के 13 जिलों में संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जहां हर साल जुलाई और अगस्त के महीने में सबसे अधिक बारिश होती है। वहीं इस बार जुलाई बीतने को है लेकिन सामान्य से कम बारिश हुई है। ऐसे में खरीफ की फसल बरबाद होने की कगार पर है।बारिश को लेकर इस महीने से अब बहुत उम्‍मीदें हैं क्‍योंकि जून और जुलाई में अधिकांश राज्‍यों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है।

बारिश को तरसे ये जिले

9 साल में पहली बार है जब 20 जुलाई तक इतनी कम बारिश मध्य प्रदेश में हुई है। प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश के 20 जिलों में अभी सामान्य से कम बारिश हुई है। प्रदेश के 13 जिलों में संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जहां हर साल जुलाई और अगस्त के महीने में सबसे अधिक बारिश होती है. वहीं इस बार जुलाई बीतने को है लेकिन सामान्य से कम बारिश हुई है,ऐसे में खरीफ की फसल बरबाद होने की कगार पर है। प्रदेश के 13 जिलों बालाघाट, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सागर, टीकमगढ़, अलीराजपुर, भिंड, ग्वालियर, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी में सामान्य से कम बारिश होने के कारण संकट बना हुआ है।

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
सागर संभाग के जिलों, उमरिया,कटनी , जबलपुर, मंडला, बैतूल , हरदा, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, देवास, दतिया, भिंड, मुरैना जिलों में भारी बारीश की चेतावनी। वही  रीवा, होशंगबादा, इंदौर, शहडोल,जबलपुर, भोपाल , ग्वालियर और चंबल संभागों के जिलों में  गरज चमक के साथ कही कही बारिश के आसार है।

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