मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के नेतृत्व में भोपाल की नरेला विधानसभा में आयोजित होने वाला रक्षाबंधन महोत्सव सोमवार 31 अगस्त से शुरू हुआ। पिछले 18 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह महोत्सव इस साल 8 सितंबर तक चलेगा।
इस दौरान नरेला विधानसभा के सभी 17 वार्डों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष भी लाखों बहनों ने महोत्सव के लिए पंजीयन कराया है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होती हैं। पिछले वर्ष आयोजित महोत्सव में 1,84,632 बहनों ने विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था।
जेन ज़ी बहनों ने बांधी राखी
नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के पहले दिन विधानसभा के वार्ड क्रमांक 44 में सुबह 11 बजे, वार्ड क्रमांक 78 में दोपहर 2 बजे और वार्ड क्रमांक 69 में शाम 4 बजे कार्यक्रम आयोजित किए गए। महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में जेन ज़ी यानी युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाली बहनों ने विश्वास सारंग को राखी बांधी। इस दौरान मंत्री सारंग ने कहा कि देश का युवा सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा के साथ राष्ट्र के नवनिर्माण में अपनी भूमिका निभा रहा है।
जनता के साथ आत्मीय संबंध बनाने का अवसर
विश्वास सारंग ने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात है कि पिछले 18 वर्षों से नरेला परिवार की लाखों बहनें उन्हें रक्षासूत्र बांधकर स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास देती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी आत्मीय रिश्ते को और मजबूत करने के उद्देश्य से इस वर्ष भी नरेला विधानसभा के सभी वार्डों में रक्षाबंधन महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य नेता और जनता के संबंध को सिर्फ चुनाव तक सीमित रखने के बजाय उसे पारिवारिक रिश्ते और विश्वास में बदलना है।
नई पीढ़ी रचेगी नया भारत
बड़ी संख्या में आई बहनों से राखी बंधवाने के बाद विश्वास सारंग ने कहा कि युवा बहनों द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपराओं का निर्वहन करना इस बात का संकेत है कि नई पीढ़ी आधुनिक सोच के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने इसे देश के सकारात्मक भविष्य के निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं की ऐसी भागीदारी राष्ट्र के लिए उत्साहजनक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी नई उमंग और ऊर्जा के साथ नवनिर्माण में जुटी है।
इस आयोजन में बहनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर ऐसा वातावरण तैयार करने का प्रयास किया गया है जिससे महिलाओं को मायके जैसा अपनापन महसूस हो। हर साल की तरह इस बार भी उनके लिए सावन गीत, मनोरंजन कार्यक्रमों और झूलों की व्यवस्था की गई है। बहनों के साथ आने वाले भांजे-भांजियों के लिए भी झूले लगाए गए हैं। इसके अलावा मेहंदी और चूड़ी के स्टॉल भी लगाए गए हैं और पूरे महोत्सव में उल्लास उत्साह का माहौल है।






