परीक्षा पे चर्चा 2026 (Pariksha Pe Charcha 2026) के दूसरे एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को स्कूली बच्चों के साथ एक बार फिर संवाद किया। इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने परीक्षा की तैयारी की रणनीतियों, तनाव को मैनेज करने के तरीकों, स्टार्टअप शुरू करने और परीक्षाओं के दौरान आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। पीएम ने देश के विकास में आदिवासियों के योगदान के सवाल पर मध्य प्रदेश की क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ का उदाहरण देकर युवाओं को प्रोत्साहित किया जिसे सीएम डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।
परीक्षा पे चर्चा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, गुजरात और असम के छात्रों से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कहा मैं कई वर्षों से 10वीं और 12वीं के बच्चों से बाच करता रहता हूं। मेरे लिए यह कार्यक्रम सीखने का कार्यक्रम है, सिखाने का नहीं।
एक सवाल के जवाब में मोदी ने कहा हर युग में जब भी कोई नई टेक्नोलॉजी आती है, तो चर्चा होती है। हमें किसी चीज से डरना नहीं चाहिए। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम उसके गुलाम नहीं बनेंगे। जैसे मोबाइल आजकल कुछ बच्चों का मालिक बन गया है, अगर मोबाइल नहीं है, तो खाना नहीं खा सकता, टीवी नहीं है, तो वो जी नहीं सकता। मतलब आप उसके गुलाम बन गए। मैं गुलाम नहीं बनूंगा, एक बार मन में ये पक्का कर लीजिए।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले आपका ध्यान इस बात पर होना चाहिए। कि आप क्या करना चाहते हैं। कुछ स्टार्टअप ऐसे हैं, जो टेक्नोलॉजी में इनोवेशन करना चाहते हैं, किसी को लगता है कि मैं ड्रोन बनाऊं किसी को लगता है कि मैं बिजली की व्यवस्था ऐसी कर दूं। तुम ऐसे किसी चार लोगों को जानते हों। तो उनके साथ स्टार्टअप शुरू कर दें। जरूरी नहीं कि आप 25 साल के हो।
अनुशासन और प्रोत्साहन दोनों ही जीवन में महत्वपूर्ण
एक स्टूडेंट के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा अनुशासन और प्रोत्साहन ये दोनों ही जीवन में महत्वपूर्ण हैं। अगर अनुशासन ही नहीं है, तो कितना भी इंस्पिरेशन हो, वो किसी काम नहीं आएगा। जीवन में अनुशासन बहुत अनिवार्य है, ये inspiration में सोने पर सुहागा का काम करता है। अगर discipline ही नहीं है, तो कितना ही inspiration हो, वो बोझ बन जाता है, निराशा पैदा करता है।
जिंदगी में खेल होना भी जरूरी है
एक विद्यार्थी के सवाल के जवाब में मोदी ने कहा शिक्षा की जीवन में भी जरूरत है और सामाजिक जीवन में भी जरूरत है। इसको underestimate नहीं करना चाहिए। ये गलती कभी मत करना कि खेल में मैं बहुत अच्छा हूं, इसलिए मुझे पढ़ने की जरूरत नहीं है। लेकिन, शिक्षा ही सबकुछ कर लेगी ऐसा नहीं है। आपमें जो भी हुनर है, उसे develop करना चाहिए। खिलाड़ी बनने के लिए खेलें, वो लग विषय है। लेकिन, जिंदगी में खेल होना भी जरूरी है। जिंदगी खेल होने से बचाना है, तो जिंदगी में खेल होना चाहिए। खेलना भी है और पढ़ना भी है।
PM Modi ने दिया MP की बेटी क्रांति गौड़ का उदाहरण
देश के विकास में आदिवासियों के योगदान के सवाल पर बच्चों को जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने महिला विश्व विजेता टीम में शामिल मध्य प्रदेश की युवा क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा आदिवासियों का बहुत योगदान है, आदिवासी प्रकृति की पूजा करते हैं उनके ही कारण आज देश का पर्यावरण अच्छा है, उन्होंने कहा आदिवासी समाज ने हमेशा से देश के लिए योगदान दिया है शासकीय सेवाओं से लेकर सेना तक में आदिवासी समाज के लोग देश के विकास में योगदान दे रहे हैं ।
सीएम डॉ मोहन यादव ने X पर वीडियो किया साझा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री के इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकांउट पर शेयर किया है, जिस पर लिखा – मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ ने देश का नाम रोशन किया। उल्लेखनीय है कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम इस बार अलग तरह से आयोजित किया है, इसका पहला चरण 6 फरवरी को हुआ था और कई जगहों से मिले सुझावों के आधार अपर इसके दूसरे चरण में अलग अलग राज्यों में भी आयोजित किया गया।





