लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सोमवार को जैसे ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सदन में अपना अभिभाषण शुरू किया, समाजवादी पार्टी (SP) के विधायकों ने जोरदार नारेबाजी और शोर-शराबा शुरू कर दिया। विपक्ष के इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
राज्यपाल के अभिभाषण के बीच सपा विधायक सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सीट पर मुस्कुराते हुए मेज थपथपाते नजर आए। उन्होंने विपक्ष को संदेश दिया कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा और बहस करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीएम के इस इशारे के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत अन्य भाजपा विधायकों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर विपक्ष के हंगामे का जवाब दिया।
सदन के बाहर भी तख्तियों के साथ प्रदर्शन
सदन में हंगामे से पहले, समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में भी प्रदर्शन किया। विधायक हाथों में तख्तियां लेकर इकट्ठा हुए और राज्य की भाजपा सरकार पर जन-विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। सपा का मुख्य आरोप था कि सरकार PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
मणिकर्णिका घाट का मुद्दा भी गूंजा
इस प्रदर्शन के दौरान वाराणसी का मणिकर्णिका घाट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सपा विधायक सचिन यादव रानी अहिल्याबाई होल्कर का पोस्टर लेकर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के जरिए सरकार ने अहिल्याबाई होल्कर का अपमान किया है, जिन्होंने लगभग 300 साल पहले इन घाटों का विकास कराया था। इस मुद्दे को लेकर भी विधायकों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।





