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MP की जनता को फिर लगेगा करंट, बिल बढ़ाने की तैयारी में बिजली कंपनियां

Written by:Amit Sengar
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बिजली कंपनियों द्वारा बढ़ाई गई टैरिफ याचिका पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने दावे आपत्तियां आमंत्रित की हैं और जनता को आपत्तियां पेश करने के लिए 24 जनवरी तक का समय दिया है।
MP की जनता को फिर लगेगा करंट, बिल बढ़ाने की तैयारी में बिजली कंपनियां

MP News : नए साल में मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही महंगाई का झटका लग सकता है। प्रदेश की बिजली कंपनियों ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर कर टैरिफ दरों में वृद्धि की मांग की है। जिसका अंतिम फैसला अप्रैल से पहले आने की संभावना है। नई दरें अप्रैल के बाद से लागू होने की संभावना है।

बता दें कि बिजली कंपनियों ने वर्ष 2025-26 के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर कर 7.52% की दर से बिजली के दाम बढ़ाने की मांग की है। क्योंकि बिजली कंपनियों ने 4107 करोड़ रु का घाटा दिखाया। और उसकी क्षति पूर्ति के लिए बिजली के दामों में बढ़ोत्तरी की मांग की है।

वहीं घरेलू बिजली की दर 7.3% और गैर घरेलू दर 4.5%, कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की दर 8.3%, औद्योगिक बिजली की दर सबसे ज्यादा 8.6% बढ़ाने की मांग की गई है।

कितनी महंगी हो सकती है बिजली

बिजली कंपनियों ने जो याचिका पेश की है उसमें अलग-अलग स्लैब में प्रति यूनिट बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। जो इस प्रकार है…

क्र.सं यूनिट वर्तमान दर (रुपये) बढ़ी दरें (रुपये) बढ़ोत्तरी (रुपये)
1. 50 4.27 4.59 32 पैसे प्रति यूनिट
2. 51-150 5.23 5.62 39 पैसे प्रति यूनिट
3. 150-300 6.61 7.11 50 पैसे प्रति यूनिट
4. 300 6.80 7.11 31 पैसे प्रति यूनिट

आयोग आपत्तियों पर सुनवाई कर लेगा फैसला

बिजली कंपनियों द्वारा बढ़ाई गई टैरिफ याचिका पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने दावे आपत्तियां आमंत्रित की हैं और जनता को आपत्तियां पेश करने के लिए 24 जनवरी तक का समय दिया है। जनता की आपत्ति पेश करने के बाद भोपाल, इंदौर जबलपुर में विद्युत नियामक आयोग 11 से 14 फरवरी को सुनवाई करेगा और इस सुनवाई के बाद बिजली के दाम बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।

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लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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