मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। 13 फरवरी से शुरू हुई 10वीं की परीक्षा का आखिरी पेपर 6 मार्च और 10 फरवरी से शुरू हुई कक्षा 12वीं का 7 मार्च 2026 को होना है। मंडल ने इस बार रिजल्ट जल्दी घोषित करने के लिए परीक्षाओं के साथ-साथ 22 फरवरी से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी शुरू कर दिया है।
केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कॉपियां जांची जा रही हैं। शिक्षकों की उपस्थिति मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज होने के बाद ही उत्तरपुस्तिकाएं दी जा रही है इसमें स्कूल पहुंचते ही शिक्षकों को एंट्री करने की अटेंडेंस एप पर दर्ज करनी होगी और फिर अपना मोबाइल जमा कर मूल्यांकन का कार्य करना होगा। निरीक्षण दल भी शिक्षा मंडल के स्पेशल ऐप आधारित डाटा से मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं। इस वर्ष शिक्षकों को प्रतिदिन 45 से 60 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अप्रैल अंत या मई के पहले हफ्ते में जारी हो सकते है नतीजे
मंडल का लक्ष्य है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी करना है, ताकी जल्द नतीजे घोषित किए जा सके। संभावना है कि अप्रैल अंत या मई के पहले हफ्ते तक मंडल द्वारा नतीजे जारी किए जा सकते हैं। पिछले साल यानी 2025 में बोर्ड ने 6 मई को नतीजे घोषित किए थे। नतीजे जारी होने के बाद छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in, mpresults.nic.in या mpbse.mponline.gov.in पर देख पाएंगे।
पास होने के लिए 33 मार्क्स जरूरी
एमपी बोर्ड में कक्षा 10वीं में छात्रों को पास होने के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत नंबर लाने अनिवार्य है। अगर एक या दो सब्जेक्ट में न्यूनतम पास प्रतिशत से कम अंक आते हैं, तो विद्यार्थी फेल माना जाएगा। जो छात्र एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण होंगे, उनके लिए जून 2026 में पूरक परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं।






