नवरात्रि में देवी-पंडाल व झांकी की अनुमति, रखनी होंगी ये सावधानियां

नवरात्रि में देवी-पंडाल व झांकी की अनुमति, रखनी होंगी ये सावधानियां

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना महामारी ने लोगों की आस्था पर गहरा प्रभाव डाला है। लंबे  समय से सभी धार्मिक स्थल और सार्वजनिक स्थानों पर पूजा पाठ बंद है। लेकिन अब देश अनलॉक-4 की तरफ बढ़ रहा है, ऐसे में सभी धार्मिक स्थल धीरे-धीरे खुलने लगे हैं। राजधानी में लंबे अर्से से दुर्गा उत्सव समिति की तरफ से दुर्गा पंडाल लगाए जाने की मांग की जा रही थी जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी है। शहर में दुर्गा उत्सव सार्वजनिक रूप से मनाने की अनुमति मिलने से आम जनता और समितियां काफी खुश हैं, लेकिन इस खुशी से ज्यादा उन्हे पंडाल लगाते समय एहतियात बरतने होंगे जिसे लेकर समितियों ने फैसला लिया है।

दुर्गा पंडालों में रखी जाएंगी ये सावधानियां

इस बार झांकी पंडालों को बड़ा और खुला बनाया जाएगा। पंडाल में किसी भी तरह के गलियारे या गुफाएं नहीं बनाई जाएंगी। इससे दर्शनार्थियों में दूरी बरकरार रहेगी और संक्रमण का खतरा भी नही रहेगा। हर बार विशाल मूर्तियों को पंडाल में विराजमान किया जाता है लेकिन इस बार देवी मां की मूर्तियों का आकार छोटा रहेगा। साथ ही सजावट के लिए भी ज्यादातर फूलों का ही इस्तेमाल किया जाएगा। पंडाल में 100 से अधिक लोग इकट्ठे नहीं हो सकेंगे, वहीं दुर्गा प्रतिमा की ऊंचाई भी प्रशासन तय करेगा। कोरोना से बचाव की सभी सावधानियों जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क तथा सेनेटाइजर का उपयोग अनिवार्यता: सुनिश्चित करना होगा। दुर्गा विसर्जन के संबंध में समयानुसार गाइड लाइन जारी की जाएगी।

गणेश पंडाल ना लगने से मूर्तिकारों का हुआ लाखो का नुकसान

कोरोना के कारण इस साल लगभर सारे मुख्य त्योहार सूने रहे हैं क्योंकि त्योहारों का सिलसिला शुरू होने से पहले ही सरकार ने कह दिया था कि सब घरों में रहकर ही उत्सव मनाएं। सार्वजनिक जलसे-जुलूस पर रोक लगा दी गई थी। गणेशोत्सव, मोहर्रम, जन्माष्टमी और दूसरे त्योहार इस बार सार्वजनिक रूप से नहीं मनाए गए। मध्यप्रदेश में गणेश उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन कोरोना के कारण गणेश उत्सव मनाने की अनुमति नहीं दी गई थी। सिर्फ छोटी प्रतिमाओं को घर पर विराजमान करने की अनुमति दी गई थी। शासन के इस फैसले के बाद मूर्ति बनाने वाले सैकड़ों परिवार आर्थिक तंगी से परेशान भी रहे। मूर्तिकारों ने लाखों की मूर्तियां बनाकर तैयार कर ली थी लेकिन पंडाल ना लगने से वो सभी मूर्तिकार कर्जदार हो गए। ऐसा संकट दुबारा ना आए इसके लिए दुर्गा उत्सव समितियों ने सरकार से दुर्गा पंडाल लगाने की इजाजत मांगी थी और सरकार ने सशर्त पंडाल लगाने की इजाजत दे दी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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