मध्यप्रदेश पुलिस ने पिछले सात दिनों में डायल-112, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और फील्ड टीमों की त्वरित कार्रवाई से प्रदेशभर में गुम हुए 45 बालक-बालिकाएँ, महिलाएँ व वृद्धजन को सुरक्षित परिजनों से मिलाया है। ये घटनाएँ पुलिस की संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और जनसेवा प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण हैं।
प्रमुख कार्रवाइयाँ
छतरपुर: “चक्षु अभियान” में 35 बच्चों की सुरक्षित बरामदगी-जिले के थाना नौगांव क्षेत्र के मेला ग्राउंड में संचालित “चक्षु अभियान” के तहत पुलिस टीम ने भीड़भाड़ और संवेदनशील परिस्थितियों में सतत निगरानी करते हुए उत्कृष्ट कार्य किया। मेला परिसर में लगाए गए हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग एवं फील्ड ड्यूटी समन्वय के कारण 18 बालिकाएँ एवं 17 बालक सहित कुल 35 बच्चें सुरक्षित दस्तयाब किए। पुलिसकर्मियों ने न केवल बच्चों को भीड़ से सुरक्षित निकाला, बल्कि तुरंत पहचान सत्यापन कर परिजनों से मिलाया।
उज्जैन: तीन थानों की संयुक्त त्वरित कार्रवाई
जिले में तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों ने अत्यंत संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण से कार्य करते हुए भटके हुए बच्चों को सुरक्षित दस्तयाब किया है। थाना चिमनगंज में मंदिर दर्शन के दौरान गुम हुए 7 वर्षीय बालक को डायल-112 ने भीड़भाड़ क्षेत्रों से शीघ्र खोज निकाला। थाना माधवनगर पुलिस ने लापता 13 वर्षीय नाबालिग बालक को रामघाट क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज की सहायता से सुरक्षित ढूंढ निकाला। इसी तरह थाना नानाखेड़ा क्षेत्र में खेलते-खेलते रास्ता भटकी 2 वर्षीय मासूम बालिका को भी पुलिस ने गलियों, दुकानों और कैमरों की जांच के आधार पर खोजकर सुरक्षित परिजनों से मिलाया। इस प्रकार उज्जैन पुलिस ने अलग अलग कार्यवाहियों 3 बालक बालिकाओं को खोजकर परिजनों के सुपुर्द किया।
रतलाम – कार्रवाई से 1 बालक व 1 महिला की सुरक्षित बरामदगी
जिले के थाना रावटी में मेले के दौरान भीड़ में गुम हुए 8 वर्षीय बालक को पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी, स्टॉल व प्रवेश-द्वारों पर सक्रिय निगरानी और नागरिकों से पूछताछ के आधार पर तुरंत खोज निकाला। साथ ही थाना नामली क्षेत्र में रास्ता भटकी 50 वर्षीय महिला को पुलिस ने सुरक्षित परिजनों से मिलवाया।
सीहोर में 02 अपहृत बालकों की सफल सुरक्षित बरामदगी
सीहोर के थाना कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी और अपहरण की जानकारी मिलते ही गंभीरता से जांच प्रारंभ की। स्थानिय सूचना स्रोत, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और फील्ड नेटवर्क की सहायता से दो अपहृत बालकों को दस्तयाब किया है। दोनों बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद परिजनों को सुपुर्द किया गया।
जबलपुर पुलिस ने 5 वर्षीय बालक को सुरक्षित घर पहुँचाया
थाना शहपुरा क्षेत्र में 5 वर्षीय बालक खेलते-खेलते घर से दूर निकलकर रास्ता भटक गया। सूचना मिलते ही डायल-112 ने आसपास के क्षेत्र में नागरिकों से पूछताछ की और कुछ ही देर में बालक को सुरक्षित ढूंढ निकाला।
शाजापुर- 07 वर्षीय बालिका को परिजनों से मिलाया
जिले के थाना शुजालपुर मंडी क्षेत्र में 07 वर्षीय बालिका खेलते-खेलते घर से भटक गई थी। सूचना मिलते ही डायल-112 के जवानो ने आसपास के क्षेत्रों में तलाश कर बालिका को सुरक्षित ढूँढ निकाला। तत्परता का परिचय देते हुए पुलिस टीम ने बालिका को उसके परिजनों से मिलाया।
खरगोन – थाना भीकनगांव की त्वरित मदद से 70 वर्षीय वृद्धा सुरक्षित
जिले में 70 वर्षीय वृद्ध महिला रास्ता भटक गई थी। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित वाहन में बैठाकर घर तक छोड़ा और परिजनों को स्थिति समझाई। इन सभी कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस त्वरित प्रतिक्रिया, तकनीक के प्रभावी उपयोग और मानवीय संवेदनशीलता के साथ नागरिकों विशेषकर बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों की सुरक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।





