कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ पर बीजेपी ने सवाल किए हैं। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह की यात्रा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह सनातन धर्म के लिए नहीं, बल्कि राहुल गांधी को खुश करने और सनातन को बदनाम करने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं।

भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह को अयोध्या के बजाय मथुरा के लिए यात्रा निकालने की चुनौती देते हुए भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सनातन को बदनाम करने के लिए ये कांग्रेस का स्वनियोजित षड्यंत्र है।

“राहुल गांधी को खुश करने के लिए निकाल रहे यात्रा”

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह सत्य सनातन धर्म के लिए यात्रा नहीं निकाल रहे हैं, बल्कि उनका उद्देश्य राहुल गांधी को खुश करना और सनातन को बदनाम करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सनातन को बदनाम करने के लिए कांग्रेस का स्वनियोजित षड्यंत्र है। बीजेपी विधायक ने कहा कि अगर दिग्विजय सिंह और कांग्रेस में दम था, तो उन्हें उस समय यात्रा निकालनी चाहिए थी, जब लाखों कारसेवक अयोध्या में राम मंदिर के लिए संघर्ष कर रहे थे। शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह को अयोध्या के लिए यात्रा निकालनी थी, तो उन्हें उसी समय आगे आना चाहिए था, जब कारसेवक राम मंदिर आंदोलन में जुटे थे।

“सनातन के लिए यात्रा निकालनी है तो मथुरा जाइए”

रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह सनातन को बचाने के लिए यात्रा निकालना चाहते हैं, तो उन्हें अयोध्या के बजाय मथुरा की ओर रुख करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए आगे आएं और वहां स्थित मस्जिद के ढांचे को हटाने की मांग करें। बीजेपी नेता ने कहा कि अगर मथुरा में कारसेवा होगी तो वह भी साथ आएंगे। उन्होंने दिग्विजय सिंह और कांग्रेस नेताओं से कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे मथुरा के लिए यात्रा निकालें। रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह चाहते हैं कि सनातन बदनाम हो जाए और भारत का नौजवान मंदिर जाना छोड़ दे। उन्होंने कहा कि एसा होने वाला नहीं है, सनातन कभी नहीं टूटेगा।

क्या है दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा 

दिग्विजय सिंह ने 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू की। इस यात्रा का प्रस्तावित गंतव्य अयोध्या स्थित राम मंदिर है। यात्रा के दौरान करीब 930 से 950 किलोमीटर की दूरी तय की जानी है और इसे पूरा करने में लगभग 70 दिन लगने का अनुमान है। दिग्विजय सिंह ने इस यात्रा को सनातन धर्म के मूल्यों और धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को उठाने की पहल बताया है। उन्होंने सत्य, करुणा, सेवा और सद्भाव जैसे मूल्यों को भी यात्रा के उद्देश्य से जोड़ा है।