डिंडोरी स्वास्थ्य विभाग में 60.60 लाख रुपये के कथित फर्जी भुगतान का मामला, तत्कालीन CMHO समेत 6 पर EOW की FIR

आरोपियों में तत्कालीन दो CMHO, दो DHO, एक सहायक ग्रेड-3 और एक सुपरवाइजर शामिल, एरियर, भत्ते और वेतन के नाम पर नियमों के खिलाफ भुगतान करने का आरोप
CMHO Dindori EOW FIR

CMHO Dindori EOW FIR

डिंडोरी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि एरियर, भत्ते और वेतन के नाम पर नियमों के खिलाफ कुल 60.60 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टोलरेंस पर काम कर रही मध्य प्रदेश सरकार की एजेंसियां इसे लेकर बहुत अलर्ट हैं, शिकायत आने के बाद उसपर तत्काल एक्शन ले रही हैं ऐसा ही एक मामला डिंडोरी जिले का सामने आया है जहां  स्वास्थ्य विभाग के जिले  मुखिया यानि सीएमएचओ ने ही अपने अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की मदद से सरकारी खजाने को चूना लगा दिया, शिकायत की जाँच के बाद अब EOW ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।

EOW ने अपराध क्रमांक 109/2026 दर्ज करते हुए इस मामले में तत्कालीन CMHO आरके मेहरा, तत्कालीन CMHO रमेश सिंह मरावी, तत्कालीन DHO बलदेव सिंह भलावी, तत्कालीन DHO भरत सिंह टेकाम, सहायक ग्रेड-3 गुलाब साहू और सुपरवाइजर प्रकाश परस्ते को आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

1 अप्रैल 2016 से 31 दिसंबर 2025 के बीच का है मामला 

शिकायत के मुताबिक फर्जीवाड़ा 1 अप्रैल 2016 से 31 दिसंबर 2025 के बीच किया गया, जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वेतन, एरियर और अन्य भुगतान से जुड़े मामलों में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी की। IFMIS पोर्टल पर गलत एरियर गणना पत्रक तैयार करने, पात्रता से अधिक राशि दर्ज करने और पहले किए जा चुके भुगतान की एंट्री में बदलाव कर दोबारा भुगतान करने का आरोप है। इसी तरह बिना वैधानिक आदेश के Non Practicing Allowance (NPA)  और गृह भाड़ा (HRA) की अतिरिक्त राशि भी दिए जाने की बात सामने आई है।

इस तरह 60.60 रुपये का कथित फर्जीवाड़ा किया  

EOW के मुताबिक एरियर के रूप में 49.89 लाख रुपये का कथित अवैध भुगतान किया गया। इसके अलावा Non Practicing Allowance और गृह भाड़े के नाम पर 5.89 लाख रुपये अतिरिक्त दिए गए। सहायक ग्रेड-3 गुलाब प्रसाद साहू को जुलाई 2024 में बिना किसी वैधानिक आधार के 4.78 लाख रुपये के भुगतान का भी आरोप है। जांच में इन्हीं भुगतानों को मिलाकर कुल राशि 60.60 लाख रुपये बताई गई है।

EOW ने 6 आरोपियों के खिलाफ जाँच शुरू की 

जांच एजेंसी का आरोप है कि भुगतान के दौरान कोषालय संहिता और मध्य प्रदेश वित्तीय संहिता के नियमों की अनदेखी की गई। कथित तौर पर गलत दस्तावेज और प्रविष्टियां तैयार कर राशि सीधे लाभार्थियों और संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। EOW ने इसे सरकारी धन की सुरक्षा की जिम्मेदारी का उल्लंघन और पद के दुरुपयोग का मामला मानते हुए छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Prakash Mishra
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