डिंडोरी जिले में एक सनसनीखेज हत्या का चंद घंटों में खुलासा करते हुए समनापुर पुलिस ने फरार आरोपी को घने जंगल से धरदबोचा है। पुलिस ने हत्या के आरोपी को सुनियोजित घेराबंदी कर घने जंगल से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला जेल भेज दिया गया है, जिससे इस जघन्य अपराध में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 8:30 बजे थाना समनापुर क्षेत्र के ग्राम पिपरिया में घटित हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस बल तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू की और मृतक की पहचान कमल सिंह मरावी के रूप में हुई, जो गांव के ही निवासी थे। पुलिस ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया और प्रारंभिक साक्ष्य जुटाए।
पत्नी के बयान में हत्या की पूरी वारदात का खुलासा
मृतक कमल सिंह मरावी की पत्नी हिंरदिया बाई ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि दशगात्र कार्यक्रम से लौटते समय उनके पति कमल सिंह मरावी का गांव के ही सुकल सिंह मरावी से विवाद हो गया था। यह विवाद जल्द ही हिंसक हो उठा। विवाद के बाद आरोपी सुकल सिंह मरावी ने तालाब के पास कमल सिंह मरावी को पकड़ लिया और उस पर बेरहमी से पत्थर से कई वार कर दिए। सिर पर गंभीर चोटें लगने के कारण कमल सिंह मरावी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सुकल सिंह मरावी पास के घने जंगल में फरार हो गया, जिससे पुलिस के लिए उसे ढूंढना एक चुनौती बन गया था।
फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम का गठन
घटना की गंभीरता और आरोपी के जंगल में छिपने की सूचना को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेखा धर्मेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में एसडीओपी बजाग विवेक कुमार गौतम के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम को फरार आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया। टीम ने आरोपी की संभावित लोकेशन का गहन विश्लेषण किया और घने व दुर्गम जंगल में व्यापक सर्च अभियान चलाने की रणनीति तैयार की। पुलिस की इस तत्परता और योजनाबद्ध तरीके से की गई कार्रवाई ने आरोपी की गिरफ्तारी का मार्ग प्रशस्त किया।
घने जंगल से दबोचा गया आरोपी
गठित विशेष टीम ने बिना समय गंवाए घने जंगल में अपनी खोजबीन शुरू कर दी। लगभग चार से पांच घंटे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया गया और जंगल के विभिन्न हिस्सों में प्रभावी घेराबंदी की गई। पुलिस टीम के अथक प्रयासों और सूझबूझ के चलते आखिरकार आरोपी सुकल सिंह मरावी को जंगल के भीतर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आरोपी सुकल सिंह मरावी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जिला जेल डिंडौरी भेज दिया गया।
इस सराहनीय कार्रवाई में एसडीओपी विवेक कुमार गौतम, थाना प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर तिवारी, उप निरीक्षक लक्ष्मीप्रसाद पुष्पकार, सहायक उप निरीक्षक संतोष यादव (चौकी प्रभारी), कमल सिंह उइके, खेमवती मरावी, प्रधान आरक्षक भारत लाल बसंत, राजेश मरावी, संतोष धुर्वे, कृष्णपाल सिंह तथा आरक्षक सुनील कुमार पट्टा की महत्वपूर्ण और प्रशंसनीय भूमिका रही। उनकी टीम वर्क और लगन के कारण ही पुलिस इस सनसनीखेज मामले का चंद घंटों में खुलासा करने और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफल रही।
डिंडौरी से प्रकाश मिश्रा की रिपोर्ट






