मप्र में कोरोना का कोहराम, 24 घंटे में रिकॉर्ड 1263 नए पॉजिटिव, 23 की मौत

मप्र में कोरोना का कोहराम, 24 घंटे में रिकॉर्ड 1263 नए पॉजिटिव, 23 की मौत

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) का तांडव जारी है| रोजाना सामने आ रहा नए मरीजों के आंकड़े रिकार्ड तोड़ रहे है| रविवार को प्रदेश में कोरोना का सबसे बड़ा विस्फोट हुआ है| रिकार्ड 1263 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आये हैं| अब प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 53 हजार 129 हो गई है। वहीं राहत की खबर यह है कि आज 991 मरीज कोरोना को परास्त कर अस्पताल से घर पहुँच गए हैं|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 22770 सैंपल की जांच की गई। जिसमे से 173 सैंपल रिजेक्ट हो गए। वहीं 21507 सैंपल नेगेटिव और 1263 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। मध्यप्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या 53129 हो गई है|

प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है| पिछले 24 घंटों में जी 23 मरीजों की मौत हो गई। अब तक कोरोना से 1229 लोगों अपनी जान गँवा चुके हैं| राहत की खबर है कि रविवार को 991 मरीज डिस्चार्ज किए गए। अब तक कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 40390 हो गई है| अब एक्टिव केस की संख्या 11510 है|

मध्यप्रदेश में संक्रमित क्षेत्रों की संख्या बढ़कर 4234 हो गई है। चार जिलों में सौ से अधिक नए केस मिले हैं| सरकारी रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक आज सबसे ज्यादा इंदौर में 194 भोपाल में 161 ग्वालियर और जबलपुर में 118 नए मरीज मिले हैं| आज 50 जिलों में नए मामले मिले हैं| सिर्फ सिंगरौली और अशोकनगर में कोई नया केस सामने नहीं आया है|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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