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सागर शराब कांड: जीतू पटवारी ने मांगा आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा का इस्तीफा

इस घटना के बाद सरकार की ओर से न्यायिक जांच और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई है। लेकिन कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर असंतोष जताया है और विभागीय स्तर से लेकर राजनीतिक नेतृत्व तक जवाबदेही तय करने की मांग की है।
Jitu Patwari PC

Jitu Patwari

सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने मामले में जिम्मेदारी लेते हुए आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। इसी के साथ उन्होंने आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने और वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव अमित राठौर को तत्काल निलंबित करने की मांग भी की है।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर जहरीली शराब से हुई मौतों की जिम्मेदारी सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों और स्थानीय अधिकारियों पर डाल दी जाएगी तो सरकार के सिस्टम में विभाग के शीर्ष मंत्री और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद शीर्ष स्तर पर बैठे जिम्मेदार लोग अपनी जवाबदेही कब तय करेंगे।

जीतू पटवारी ने की जवाबदेही तय करने की मांग

जीतू पटवारी ने कहा कि सागर में जहरीली शराब से मौतें हुई हैं या सरकारी सिस्टम की लापरवाही से हुईं सरकारी हत्याएं, यह सवाल भाजपा के हर मंत्री और विधायक से पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग का काम अवैध और जहरीली शराब की बिक्री पर निगरानी रखना और उसे रोकना है। ऐसे में इतनी बड़ी घटना के बाद सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा से जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और प्रमुख सचिव अमित राठौर को निलंबित कर जवाबदेही तय करने की मांग भी की है।

सागर शराबकांड में अब तक क्या हुआ

सागर के बंडा क्षेत्र के बराज और आसपास के गांवों में सितंबर की शुरुआत में अवैध जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ गई। शुरुआती रिपोर्टों में मौतों की संख्या कम बताई गई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़ती गई। बड़ी संख्या में लोगों को सागर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जांच में शराब में मेथनॉल की मौजूदगी सामने आने की जानकारी भी सामने आई है।

मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कई गिरफ्तारियां की हैं।  पुलिस अवैध शराब के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आबकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई। आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। सरकार की ओर से घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री ने दिए न्यायिक जांच के आदेश

घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही तथा अनियमितता को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने मामले में सभी दोषियों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के आयुक्त के रूप में दिलीप कुमार ने जिम्मेदारी संभाली है। वहीं इरशाद वली को सागर पुलिस रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। सरकार की ओर से प्रशासनिक स्तर पर किए गए इन बदलावों को मामले में सख्त कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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