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सतना में घायल मरीज की दादी हाथ में सलाइन लेकर खड़ी रही, उमंग सिंघार ने स्वास्थ्य सेवा के मुद्दे पर सरकार पर साधा निशाना

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
सड़क हादसे में घायल मरीज को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन ड्रिप लगाने के लिए स्टैंड उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज की दादी को हाथ में सलाइन की बोतल लेकर लगभग आधे घंटे खड़ा रहना पड़ा। इस घटना पर कांग्रेस नेता ने स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ता हालत पर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
सतना में घायल मरीज की दादी हाथ में सलाइन लेकर खड़ी रही, उमंग सिंघार ने स्वास्थ्य सेवा के मुद्दे पर सरकार पर साधा निशाना

Umang Singhar

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर फिर सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में सतना में हुए सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति को जब स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया तो उसे ड्रिप लगाने के लिए स्टैंड तक उपलब्ध नहीं था। मजबूरी में 72 साल की दादी को हाथ में सलाइन की बोतल लेकर लगभग आधे घंटे खड़ा रहना पड़ा।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि एक तरफ सीएम साहब एयर एंबुलेंस से लोगों को अस्पताल पहुंचाने का दावा कर रहे, दूसरी तरफ अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं तक का अभाव है। उन्होंने प्रदेश में अस्पतालों की स्थिति सुधारने की मांग की है।

सरकारी अस्पतालों की बदहाल सेवाएं

सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। सड़क हादसे में घायल 35 वर्षीय अश्वनी मिश्रा को अस्पताल लाया गया लेकिन ड्रिप स्टैंड की कमी के कारण उनकी 72 वर्षीय दादी को आधे घंटे तक सलाइन की बोतल हाथ में पकड़कर खड़ा रहना पड़ा। सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में ड्रिप स्टैंड की कोई कमी नहीं है फिर भी कर्मचारियों की उदासीनता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। इस घटना ने एक बार फिर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इस घटना को लेकर अब कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है। उमंग सिंघार ने कहा है कि ‘मध्यप्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की हालत कितनी खस्ता है, यह कई बार सामने आया है। एक तरफ मुख्यमंत्री साहब एयर एंबुलेंस से लोगों को अस्पताल पहुंचाने का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। मुख्यमंत्री जी पहले अस्पतालों को सुधारिए, फिर दावे कीजिए, ताकि परिवार को हाथ में सलाइन लेकर खड़ा न होना पड़े।’ इस तरह कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवा के मुद्दे पर फिर सरकार को घेरा है।