विधायकों के लौटते ही जायसवाल ने मारी पलटी, गोविंद सिंह ने मांगा इस्तीफा

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भोपाल।
कमलनाथ सरकार में खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने भले ही बीजेपी के समर्थन वाले अपने बयान से देर रात पलटी मार ली हो लेकिन पार्टी में उनकी जमकर किरकिरी हो रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और कैबिनेट मंत्री गोविंद ने जायसवाल के बयान पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा की मांग की है।जायसवाल बालाघाट जिले की वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक के रूप में चुनाव जीते थे और कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे हैं।

आज मीडिया से चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह अपने विधायक और मंत्रियों के ऊपर कहा जिनकी मानसिकता कांग्रेस की नही है वह पार्टी से चले जाएं।उन्होंने कहा कि उन्हें तत्काल सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम से भाजपा का असली चरित्र उजागर हो गया है।इससे पहले भी कांग्रेस के कई विधायक भी सरकार के खिलाफ नाराजगी जता चुके हैं। इधर, सुत्रों की माने तो कमलनाथ सरकार सियासी उठापटक के बाद असंतोष समाप्त करने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। इससे पहले दिग्विजय और सिंधिया समर्थक कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। इसके बाद सहयोगी दलों और निर्दलीय विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। इसमें ऐंदल सिंह कंषाना और बिसाहू लाल सिंह का नाम शामिल है।

दऱअसल, बुधवार को जब मीडिया में बीजेपी द्वारा सरकार गिराने और हॉर्स ट्रेडिंग की खबरें चल रही थी तब कैबिनेट मंत्री प्रदीप जायसवाल ने बयान दिया था कि यदि कमलनाथ की सरकार गिरती है और भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में आती है, तो वह जिले व क्षेत्र के विकास के लिए अपनी जनता व समर्थकों की सलाह पर भाजपा सरकार को बाहर से समर्थन दे सकते हैं। जिले व क्षेत्र के विकास के लिए हमारा विकल्प हमेशा खुला रहेगा।वही देर शाम जब छह-सात विधायक वापस लौट आए थे तब मंत्री ने फिर अपने बयान पर पलटी मारी और कहा कि कमलनाथ सरकार को मेरा पूरा समर्थन रहेगा। मीडिया ने मेरा बयान तोड़ मरोड़कर पेश किया है।हालांकि तबतक मंत्री का बयान तेजी से वायरल हो चुका था और सरकार की भी जमकर किरकिरी हुई थी। गुटबाजी और अतंरकलह की खबरें सामने आ रही थी। इसी बीच जब गोविंद सिंह से इस मामले में चर्चा की गई तो उन्होंने प्रदीप को इस्तीफा देने की बात कह डाली।अब देखना है कि पार्टी प्रदीप से इस्तीफा लेती है या नही।

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